रांची:
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) एक बार फिर विवादों और धांधली के गंभीर आरोपों से घिर गया है। एक तरफ आयोग ने भारी भाषाई व शाब्दिक त्रुटियों से भरे प्रश्नपत्रों के बावजूद सहायक वन संरक्षक (ACF) मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है, तो दूसरी तरफ 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) में हुई धांधली को लेकर आजसू (AJSU) पार्टी ने मोर्चा खोलते हुए सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है।
'पुस्तक' को लिखा 'पुस्तख'—आंख मूंदकर तैयार किए गए ACF मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र
सहायक वन संरक्षक (ACF) मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में ऐसी बचकानी और गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं, जिनकी उम्मीद किसी प्राथमिक विद्यालय के छात्र से भी नहीं की जा सकती:
गंभीर भाषाई अशुद्धियां: प्रश्नपत्र में 'पुस्तक' को 'पुस्तख', 'कठोर' को 'कगेर', 'सिदो-कान्हू' को 'सिडो कान्हू', 'निर्माण' को 'निर्मान' और 'चर्चा कीजिए' को 'चर्च कीजिए' लिखा गया।
अनदेखी का आलम: 'महत्वपूर्ण', 'समुदाय', 'बुद्धिमत्ता' और 'धारणाओं' जैसे दर्जनों शब्दों में भारी अशुद्धियाँ थीं। ऐसा लगता है जैसे प्रश्नपत्र तैयार करने के बाद उसकी कोई समीक्षा ही नहीं की गई।
रिजल्ट और शारीरिक जांच: तमाम विवादों के बावजूद आयोग ने परिणाम जारी कर दिया है। सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक जांच की तिथि 28-29 जुलाई से बढ़ाकर अब 17 और 18 अगस्त निर्धारित की गई है।
14वीं सिविल सेवा PT परीक्षा हो रद्द, ब्लैकलिस्टेड कंपनी से कराई परीक्षा: AJSU
हरमू स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो और मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने सरकार और आयोग पर तीखे हमले किए:
"JPSC ब्लैकलिस्टेड निजी एजेंसी TDPL के जरिए परीक्षाएं करा रही है, जिस पर कई राज्यों में बैन लग चुका है। परीक्षा संचालन में इस संदिग्ध कंपनी की भूमिका, अध्यक्ष का इस्तीफा और आयोग दफ्तर पर CID की छापेमारी पूरे मामले को कटघरे में खड़ा करती है। 50 सामान्य सीटों के लिए चुने गए 1100 अभ्यर्थियों में से 400 अकेले हरियाणा-यूपी के बताए जा रहे हैं।"
— डॉ. लंबोदर महतो, पूर्व विधायक व केंद्रीय महासचिव, AJSU
आयोग के खिलाफ युवाओं का आक्रोश
आजसू नेताओं ने कहा कि JPSC दफ्तर के बाहर अभ्यर्थियों का लगातार जारी धरना-प्रदर्शन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि झारखंड के युवाओं का आयोग से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद कर सरकार को तुरंत 14वीं PT परीक्षा रद्द कर निष्पक्ष CBI जांच के आदेश देने चाहिए।





