सूरत: दक्षिण गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत के लिंबायत इलाके (मीठी खाड़ी के पास) में एक घर मौत का जाल बन गया। सोमवार को यहाँ एक रिहायशी इमारत में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। हादसे के वक्त घर में मौजूद एक ही परिवार के पाँच सदस्य धुएं और आग की चपेट में आ गए, जिनकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
हादसे की मुख्य वजह: 'दम घुटना' और 'अत्यधिक स्टॉक'
प्रारंभिक जांच और अधिकारियों के बयानों से इस हादसे के पीछे के भयावह कारण सामने आए हैं:
10 टन साड़ियाँ: पूर्व मेयर दक्षेशभाई मावानी के अनुसार, उस छोटे से घर में लगभग 10 टन साड़ियाँ रखी हुई थीं। परिवार साड़ी बनाने और फिनिशिंग का काम करता था।
जगह का अभाव: घर में इतनी अधिक मात्रा में साड़ियाँ भरी हुई थीं कि वहां चलने-फिरने तक की जगह नहीं थी। आग लगने के बाद साड़ियों के जलने से निकले जहरीले धुएं ने कमरे को भर दिया।
दम घुटने से मौत: दमकल अधिकारियों का मानना है कि मृतकों की जान सीधे तौर पर झुलसने से ज्यादा, धुएं के कारण दम घुटने (Asphyxiation) से हुई है।
मृतकों के नाम (एक ही परिवार के सदस्य):
शहनाज़ बेगम अब्दुल कलाम अंसारी (उम्र 65 वर्ष)
शबीना रमज़ान अली अंसारी (उम्र 28 वर्ष)
परवीन अब्दुल कलाम अंसारी (उम्र 19 वर्ष)
हुसा बेगम अब्दुल कलाम अंसारी (उम्र 18 वर्ष)
शुभान रमज़ान अली अंसारी (उम्र 4 वर्ष)
प्रशासन की कार्रवाई और अपील
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और आग पर काबू पाया। झुलसे हुए लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। हादसे के बाद पूर्व महापौर, डीसीपी और मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने घटनास्थल का मुआयना किया।
"यह एक बेहद दुखद घटना है। मैं क्षेत्र के लोगों से अपील करता हूँ कि वे रिहायशी घरों में इतनी बड़ी मात्रा में व्यावसायिक सामान (साड़ियाँ) न रखें। ज्वलनशील पदार्थों का ऐसा जमावड़ा किसी भी आपात स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता बंद कर देता है।" — दक्षेशभाई मावानी, पूर्व मेयर
जांच के बिंदु:
आग लगने का कारण: अभी तक आग लगने के सटीक कारण (शॉर्ट सर्किट या कुछ और) का पता नहीं चल पाया है, जिसकी फॉरेंसिक जांच जारी है।
सुरक्षा मानक: रिहायशी इलाके में व्यावसायिक गोदाम चलाने की अनुमति और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की भी जांच की जा रही है।
निष्कर्ष: यह हादसा एक चेतावनी है कि तंग बस्तियों और छोटे घरों में भारी मात्रा में ज्वलनशील सामान रखना कितना जानलेवा साबित हो सकता है। एक छोटे से बच्चे और चार महिलाओं की मौत ने पूरे सूरत शहर को झकझोर कर रख दिया है।





