मुंबई | ईरान-इजराइल युद्ध के चलते उपजे वैश्विक एलपीजी संकट के बीच मुंबई में गैस की कालाबाजारी करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं। जहाँ एक तरफ देश के कई हिस्सों में पुलिस सुरक्षा के साये में गैस का वितरण हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ मुंबई के वर्ली इलाके में राशन वितरण विभाग (Ration Distribution Department) ने एक बड़े अवैध गोदाम का भंडाफोड़ किया है।

रिहायशी इलाके में 'बम' के ढेर पर बस्ती

कंट्रोलर राशन डिस्ट्रीब्यूशन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि वर्ली नाका स्थित गणपतराव कदम मार्ग की सूरज वल्लभदास चॉल में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण किया जा रहा है। अधिकारियों ने जब छापेमारी की, तो दृश्य भयावह था—घनी आबादी वाले इस रिहायशी इलाके में सैकड़ों सिलेंडर अत्यंत खतरनाक तरीके से रखे गए थे।

जब्त किए गए सिलेंडरों का ब्यौरा:

HP गैस: 5 किलो वाले 6 भरे और 58 खाली सिलेंडर।

सुपर गैस: 4 किलो वाले 64 भरे और 12 किलो वाले 19 भरे हुए सिलेंडर।

अन्य: विभिन्न साइज के 25 खाली सिलेंडर।

कैसे चलता था काला खेल?

अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह अवैध रिफिलिंग कर सिलेंडरों को ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचता था। युद्ध के कारण पैदा हुई कमी का फायदा उठाकर ये लोग आम जनता की जेब पर डाका डाल रहे थे। जब्त किया गया सारा सामान वर्ली पुलिस को सौंप दिया गया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन की सख्त चेतावनी

यह पूरी कार्रवाई कंट्रोलर राशन डिस्ट्रीब्यूशन चंद्रकांत डांगे के मार्गदर्शन में की गई। विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिहायशी इलाकों में इस तरह सिलेंडरों का भंडारण किसी बड़े हादसे को न्योता देना है, जिससे सैकड़ों जान जा सकती थी।

अधिकारियों का संदेश: "गैस की ब्लैक मार्केटिंग और अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ प्रशासन 24 घंटे अलर्ट पर है। ऐसे अपराधों में लिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।"