विरुधुनगर: तमिलनाडु का पटाखा हब कहा जाने वाला विरुधुनगर जिला एक बार फिर बारूद के ढेर में तब्दील हो गया। यहाँ एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने हंसते-खेलते 16 परिवारों को मातम में डुबो दिया है। इस हृदयविदारक घटना में 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष जारी है।
धमाके से थर्राया इलाका, मलबे में तब्दील हुई फैक्ट्री
एएनआई (ANI) की रिपोर्ट के अनुसार, फैक्ट्री के भीतर अचानक हुए इस विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी गूँज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके के तुरंत बाद आग की ऊँची लपटें उठीं और देखते ही देखते फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा ज़मींदोज़ हो गया। मलबे के नीचे दबे लोगों की चीख-पुकार से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
राहत और बचाव कार्य की स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य में जुट गईं।
अस्पताल में भर्ती: घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों ने कुछ की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने का काम जारी है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग दबे हो सकते हैं, जिससे मृतकों का आँकड़ा बढ़ने का डर है।
चूक या लापरवाही? जांच के घेरे में सुरक्षा मानक
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि पटाखा निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी या रसायनों के गलत रख-रखाव के कारण यह हादसा हुआ होगा।
"हमने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। यदि फैक्ट्री संचालन में नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" — स्थानीय प्रशासन
सवालों के घेरे में 'पटाखा हब' की सुरक्षा
विरुधुनगर और शिवकाशी क्षेत्र अपने विशाल पटाखा उद्योग के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, लेकिन बार-बार होने वाले ये हादसे यहाँ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। सुरक्षा ऑडिट में ढिलाई और नियमों को ताक पर रखकर संचालित होने वाली इकाइयाँ अक्सर निर्दोष मजदूरों के लिए काल का ग्रास साबित होती रही हैं।
वर्तमान में जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर तैनात है और मृतकों के परिजनों को सहायता पहुँचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।





