हैदराबाद/नई दिल्ली। तेलंगाना के स्थानीय निकाय चुनावों में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी ने एकतरफा बढ़त बनाकर विपक्षी दलों के खेमे में खलबली मचा दी है। 116 नगर पालिकाओं और सात नगर निगमों के लिए आए ताजा रुझानों और नतीजों में कांग्रेस 900 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दक्षिण के इस राज्य में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
चुनावी आंकड़ों का गणित (ताजा रुझान)
अब तक की मतगणना के अनुसार, राज्य की नगर पालिकाओं और निगमों में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीआरएस के बीच सिमटता दिख रहा है:
| पार्टी | सीटों पर बढ़त/जीत | स्थिति |
|---|---|---|
| कांग्रेस (INC) | 900+ | प्रचंड बहुमत की ओर |
| बीआरएस (BRS) | 534 | मुख्य विपक्षी दल के रूप में बरकरार |
| भाजपा (BJP) | 162 | तीसरे स्थान पर खिसकी |
क्षेत्रवार प्रदर्शन: कांग्रेस का दबदबा
विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे परिणाम कांग्रेस की मजबूत पकड़ को दर्शा रहे हैं। प्रमुख नगर निकायों का हाल इस प्रकार है:
मधिरा: यहाँ कांग्रेस ने क्लीन स्वीप जैसी स्थिति पैदा कर दी है, जहाँ 22 वार्डों में से 18 पर कांग्रेस का कब्जा है।
अश्वराओपेटा: कांग्रेस 17 सीटों के साथ शीर्ष पर है, जबकि बीआरएस को 2 और भाजपा को महज 1 सीट से संतोष करना पड़ा है।
कल्लूर और सथुपल्ली: इन क्षेत्रों में भी कांग्रेस ने बीआरएस को पछाड़ते हुए बहुमत हासिल कर लिया है।
रंगा रेड्डी: यहाँ कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जहाँ बीआरएस 32 सीटों के साथ कांग्रेस (27) से थोड़ा आगे है, लेकिन भाजपा यहाँ भी केवल 09 सीटों तक ही सिमट गई।
भाजपा के लिए आत्ममंथन का समय
लोकसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही भाजपा के लिए ये नतीजे किसी झटके से कम नहीं हैं। सुबह 10:45 बजे के शुरुआती रुझानों से ही भाजपा पिछड़ती नजर आ रही थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय मुद्दों और कांग्रेस की कल्याणकारी योजनाओं ने मतदाताओं को कांग्रेस की ओर मोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है।
नतीजों का असर
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में कांग्रेस के लिए यह जीत एक बड़ी संजीवनी साबित होगी। वहीं, केसीआर की पार्टी बीआरएस ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, लेकिन वह कांग्रेस की आंधी को रोकने में विफल रही है।





