फिरोजाबाद / शिकोहाबाद उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या के मामले में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिला अस्पताल में रविवार को हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ने डॉक्टरों तक को झकझोर कर रख दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी की हैवानियत इतनी खौफनाक थी कि बच्चे के शरीर के भीतर की हड्डियां और पसलियां पूरी तरह चकनाचूर हो गईं, जबकि शरीर के बाहर खून की एक बूंद तक नहीं बही।
पहली ही पटक में टूट गई थी गर्दन, अंदरूनी तबाही ने ली जान
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की टीम के अनुसार, आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने जब मासूम आरव को पहली बार हवा में उछालकर पक्की सड़क पर पटका, तभी बच्चे के सिर (खोपड़ी) के सभी जोड़ खुल गए थे और उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई थी।
अचेत हुआ मासूम: पहली पटक के साथ ही मासूम आरव तुरंत अचेत (बेहोश) हो गया था।
दो से तीन पटक में मौत: डॉक्टरों का अनुमान है कि इसके बाद दूसरी या तीसरी पटक में ही बच्चे की सांसें थम चुकी थीं।
बाहर नहीं था कोई निशान: सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि बच्चे के शरीर पर बाहर से किसी खुली चोट, घाव या खून बहने का कोई निशान नहीं था। आरोपी की बर्बरता के कारण तबाही केवल शरीर के अंदरूनी हिस्सों में हुई, जिससे छाती की सभी पसलियां टूट गईं। हालांकि, उसके हाथ-पैरों में कोई फ्रैक्चर नहीं मिला है।
अदालत ने आरोपी विराज को भेजा 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर
शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में शनिवार को दिनदहाड़े इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक (निवासी शेखूपुर, सिविल लाइंस, बदायूं) को पुलिस ने रविवार को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया।
कोर्ट का कड़ा रुख: मामले की गंभीरता, क्रूरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए अदालत ने बिना किसी ढील के आरोपी विराज की 14 दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर कर जेल भेज दिया है।
इंस्पेक्टर अनुज कुमार संभालेंगे तफ्तीश, चार्जशीट की तैयारी तेज
एसएसपी आदित्य लांग्हे ने इस बेहद संवेदनशील और जघन्य हत्याकांड की त्वरित व निष्पक्ष जांच के लिए शिकोहाबाद के इंस्पेक्टर अनुज कुमार को जांच अधिकारी (IO) नियुक्त किया है।
| केस का वर्तमान स्टेटस | पुलिस की अगली रणनीति |
|---|---|
| आरोपी की स्थिति | 14 दिन की न्यायिक कस्टडी में जेल में बंद। |
| मुख्य वैज्ञानिक साक्ष्य | पोस्टमार्टम रिपोर्ट को कोर्ट में अचूक सबूत बनाया जाएगा। |
| जांच टीम का फोकस | रिमांड के दौरान वारदात से जुड़े अन्य गवाहों और सीसीटीवी फुटेज को कानूनी रूप से मजबूत करना। |
पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस मामले में ऐसी अचूक और मजबूत चार्जशीट तैयार की जा रही है, जिससे अदालत में आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा (फांसी की सजा) दिलाई जा सके।





