तिरुवनंतपुरम, केरल की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी.डी. सतीशन ने सोमवार को केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है। तिरुवनंतपुरम के ऐतिहासिक सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य और गरिमापूर्ण समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। सतीशन अब राज्य की नई यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार का नेतृत्व करेंगे।
मंच पर जुटे कांग्रेस के दिग्गज, दिखा एकजुटता का संदेश
इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व विशेष रूप से तिरुवनंतपुरम पहुंचा। शपथ ग्रहण समारोह के मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत देश भर के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने न केवल कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह भर दिया, बल्कि दक्षिण भारत में कांग्रेस के मजबूत होते कदमों का संदेश भी दिया।
यूडीएफ कैबिनेट का स्वरूप: 20 मंत्रियों ने भी ली शपथ
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के साथ उनकी कैबिनेट के 20 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की। नई सरकार में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का पूरा ध्यान रखा गया है। कैबिनेट में कांग्रेस के सबसे ज्यादा 11 चेहरे शामिल हैं, जबकि मुख्य सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को 5 मंत्री पद मिले हैं। बाकी सीटें अन्य गठबंधन सहयोगियों को दी गई हैं।
जानिए कौन-कौन शामिल हैं नई कैबिनेट में:
1. कांग्रेस (11 मंत्री):
रमेश चेन्निथला
सन्नी जोसेफ
के. मुरलीधरन
ए.पी. अनिल कुमार
पी.सी. विष्णुनाथ
टी. सिद्दीकी
बिंदु कृष्णा
के.ए. तुलसी
रोजी एम. जॉन
एम. लिजू
ओ.जे. जनीश
2. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग - IUML (5 मंत्री):
पी.के. कुन्हालीकुट्टी
एन. शमसुद्दीन
के.एम. शाजी
पी.के. बशीर
वी.ई. अब्दुल गफ़ूर
3. अन्य गठबंधन सहयोगी (4 मंत्री):
मॉन्स जोसेफ – केरल कांग्रेस (जोसेफ)
शिबू बेबी जॉन – रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP)
अनूप जैकब – केरल कांग्रेस (जैकब)
सी.पी. जॉन – कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी (CMP)
भविष्य की राह और चुनौतियाँ
समारोह के दौरान पूरा स्टेडियम यूडीएफ समर्थकों के नारों से गूंजता रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनुभवी और युवा चेहरों के इस संतुलित मिश्रण के साथ वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली यह सरकार केरल में विकास और जन-कल्याण के वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगी। शपथ ग्रहण के बाद अब सबकी नजरें मंत्रियों के विभागों के बंटवारे और सरकार की पहली कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं।





