बालोतरा (राजस्थान) राजस्थान के बालोतरा जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। पचपदरा स्थित देश के पहले ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में सोमवार को भीषण आग लग गई। यह हादसा उस वक्त हुआ है जब पूरा प्रशासन और रिफाइनरी प्रबंधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों में जुटा था।
उद्घाटन की दहलीज पर हादसा
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 21 अप्रैल को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का आधिकारिक उद्घाटन करने वाले थे। समारोह से ठीक 24 घंटे पहले लगी इस आग ने सुरक्षा इंतजामों और तकनीकी तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में यह रिफाइनरी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है।
परियोजना का सफर: 2013 से अब तक
इस प्रोजेक्ट का इतिहास राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है:
नींव: सबसे पहले 22 सितंबर, 2013 को तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसकी आधारशिला रखी थी। उस समय लागत 37,230 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
पुनारंभ: केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद, 16 जनवरी, 2018 को पीएम मोदी ने इस प्रोजेक्ट को नए सिरे से गति दी। संशोधित बजट के साथ इसकी लागत बढ़कर 43,129 करोड़ रुपये हो गई।
औद्योगिक क्रांति की उम्मीदों को झटका
पचपदरा की यह रिफाइनरी केवल ईंधन उत्पादन का केंद्र नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी राजस्थान के लिए 'औद्योगिक ऑक्सीजन' की तरह है। यहाँ से निकलने वाले पेट्रोकेमिकल उत्पादों से एक विशाल औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार होना है:
प्रमुख उत्पाद: पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीइथाइलीन (HDPE/LLDPE), बेंजीन, टोल्यूनि और ब्यूटाडाइन।
जुड़े उद्योग: इन उत्पादों के माध्यम से क्षेत्र में प्लास्टिक फर्नीचर, कृषि पाइप, ऑटोमोबाइल पुर्जे, सिंथेटिक फाइबर और चिकित्सा उपकरणों के निर्माण की अपार संभावनाएँ हैं।
फिलहाल, दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और आग पर काबू पाने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर संशय बना हुआ है और प्रशासन स्थिति का आकलन करने में जुटा है।





