चंडीगढ़: पंजाब पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क के बीच कथित सांठगांठ को लेकर एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने कानून-व्यवस्था और खाकी की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पूरा पुलिस महकमा और कोर्ट लॉरेंस बिश्नोई के विवादित टीवी इंटरव्यू की कड़ियों को सुलझाने में जुटे थे, ठीक उसी दौरान पंजाब पुलिस के एक डीएसपी (DSP) ने अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद लॉरेंस को उसके जन्मदिन पर खास तोहफा भिजवाया था।

यह चौंकाने वाला दावा बिश्नोई गिरोह के सदस्य रहे राजवीर सिंह उर्फ रवि राजगढ़ की पूछताछ रिपोर्ट में सामने आया है, जिसे जुलाई 2025 में आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था।

सरकारी दफ्तर से कूरियर हुआ 'बर्थडे गिफ्ट'

जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला पंजाब पुलिस के पूर्व डीएसपी गुरशेर सिंह संधू से जुड़ा है, जिन्हें लॉरेंस के इंटरव्यू मामले में मदद करने के आरोप में पहले ही नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है।

रवि राजगढ़ ने पूछताछ में बताया कि 10 फरवरी 2024 को उसे साबरमती जेल से सीधे लॉरेंस बिश्नोई का फोन आया था। लॉरेंस ने उसे निर्देश दिया कि वह मोहाली के फेज-7 स्थित डीएसपी (गुरशेर सिंह संधू) के कार्यालय जाए और वहां से कुछ सामान कलेक्ट करे। राजगढ़ वहां गया, जहां उसे सामान सौंपा गया। अगले ही दिन यानी 11 फरवरी को लॉरेंस के जन्मदिन पर वह अपने साथी सुपिंदर सिंह के साथ हवाई जहाज से अहमदाबाद पहुंचा और साबरमती जेल में लॉरेंस तक वह तोहफा डिलीवर कर दिया।

गिफ्ट में क्या था?

जांच अधिकारियों के मुताबिक, डीएसपी कार्यालय से भेजे गए इस 'बर्थडे गिफ्ट' में टोपियां, मुरब्बे का डिब्बा और कुछ अन्य निजी सामान शामिल था।

जब हाईकोर्ट करा रहा था जांच, तब डीएसपी निभा रहे थे यारी

इस खुलासे ने पुलिस महकमे को इसलिए सबसे ज्यादा शर्मसार किया है क्योंकि जिस वक्त (फरवरी 2024) यह तोहफा भेजा गया, उस समय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कड़े निर्देश पर इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज हो चुकी थी और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) मामले की जांच कर रही थी। जांच के बीच ही एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी द्वारा मोस्ट वांटेड गैंगस्टर को वीआईपी ट्रीटमेंट और तोहफे देना गहरी साजिश की ओर इशारा करता है।

इंटरव्यू के लिए सीआईए दफ्तर को बना दिया था 'स्टूडियो'

मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के लगातार दो टीवी इंटरव्यू सामने आए थे, जिसने देश भर में सनसनी मचा दी थी। एसआईटी (SIT) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ था कि:

सितंबर 2022 में खरड़ के सीआईए (CIA) कार्यालय को एक अस्थायी स्टूडियो की तरह इस्तेमाल कर यह इंटरव्यू रिकॉर्ड किया गया था।

उस दौरान लॉरेंस बिश्नोई किसी और की नहीं, बल्कि इसी डीएसपी गुरशेर सिंह संधू की हिरासत में था।

इस लापरवाही और मिलीभगत के लिए अक्टूबर 2024 में दो डीएसपी समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।

बर्खास्तगी के बाद से फरार है आरोपी डीएसपी:

इस गंभीर मामले में संलिप्तता पाए जाने के बाद साल 2025 की शुरुआत में गुरशेर सिंह संधू को पुलिस सेवा से पूरी तरह बर्खास्त कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी पूर्व डीएसपी तब से ही फरार चल रहा है। अब इस नए 'बर्थडे गिफ्ट' वाले खुलासे के बाद जांच एजेंसियां इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही हैं कि पुलिस-गैंगस्टर गठजोड़ की जड़ें कितनी गहरी हैं और इस नेक्सस में महकमे के कौन-से अन्य बड़े नाम शामिल हैं।