रायपुर:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य कैबिनेट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के किसानों की सुविधा और राज्य के युवाओं (अग्निवीरों) के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दो ऐतिहासिक प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
कैबिनेट ने जहाँ एक ओर किसानों को समय पर उर्वरक (खाद) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष मंत्रिमंडलीय उप समिति के गठन को मंजूरी दी, वहीं दूसरी ओर भारतीय सशस्त्र बलों से सेवामुक्त हुए अग्निवीरों के लिए राज्य की तृतीय श्रेणी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान लागू कर दिया है।
1. अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण: 'छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिक आरक्षण नियम-2026' स्वीकृत
राज्य के युवाओं को सशस्त्र बलों के बाद एक सुरक्षित भविष्य प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट ने अग्निवीरों के लिए तृतीय श्रेणी के पदों पर 10% आरक्षण देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसके लिए ‘छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिक आरक्षण नियम-2026’ बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
किन पदों पर मिलेगा लाभ?
यह आरक्षण पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल, वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड तथा जेल विभाग में जेल गार्ड के पदों पर होने वाली सीधी भर्तियों में लागू होगा।
पात्रता की शर्तें:
इस योजना का लाभ केवल उन अग्निवीरों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों (सेना, नौसेना, वायुसेना) में सफलतापूर्वक 4 वर्ष की सेवा पूरी की है और जिनके पास वैध सर्विस सर्टिफिकेट मौजूद है।
घोषणा की पूर्ति:
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में अग्निवीरों को राज्य की नौकरियों में प्राथमिकता और आरक्षण देने का वादा किया था, जिसे अब कैबिनेट की औपचारिक स्वीकृति दे दी गई है।
2. किसानों के लिए बड़ी राहत: खाद आपूर्ति व प्रबंधन के लिए बनी उच्चस्तरीय उप-समिति
प्रदेश में खरीफ और रबी—दोनों ही फसलों के सीजन के दौरान किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद उपलब्ध कराने और उर्वरकों के समुचित प्रबंधन की नियमित निगरानी के लिए कैबिनेट ने एक उच्चस्तरीय मंत्रिमंडलीय उप समिति के गठन की मंजूरी दी है।
| समिति की संरचना | दायित्व एवं भूमिका |
|---|---|
| अध्यक्ष | उप मुख्यमंत्री |
| सदस्य | कृषि मंत्री, सहकारिता मंत्री एवं वित्त मंत्री |
| संयोजक | कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) |
| विशेष आमंत्रित | आवश्यकता अनुसार विभागीय अधिकारी, विशेषज्ञ व किसान प्रतिनिधि |
समिति का मुख्य उद्देश्य:
यह समिति राज्य भर में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण प्रणाली और मांग-आपूर्ति श्रृंखला पर पैनी नजर रखेगी। यदि राज्य में कहीं भी खाद की किल्लत या कालाबाजारी जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो यह समिति त्वरित समाधान निकालेगी और राज्य सरकार को उर्वरक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने हेतु सुझाव देगी।
"हमारी सरकार का ध्येय प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाना है और साथ ही देश की सेवा करने वाले हमारे अग्निवीर जवानों को राज्य में सम्मानजनक रोजगार के अवसर प्रदान करना है।"
— विष्णु देव साय (मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़)





