UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की घोषणा के बाद से ही आम यूजर्स के मन में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई लोग यह सोचने लगे हैं कि क्या अब दैनिक भुगतानों के लिए UPI छोड़कर डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना फायदेमंद होगा?

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने स्थिति साफ करते हुए स्पष्ट किया है कि नया चार्ज आम ग्राहकों (Consumers) से नहीं वसूला जाएगा। यह एक पेमेंट प्रोसेसिंग शुल्क है जो केवल व्यापारियों (Merchants) पर लागू होगा और यह आज भी क्रेडिट व डेबिट कार्ड से लगने वाले MDR की तुलना में काफी सस्ता है।

क्या ग्राहकों के लिए महंगा होगा UPI?

बिल्कुल नहीं! आम यूजर्स के लिए UPI सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क रहेंगी।

  • नो एक्स्ट्रा फीस: ग्राहकों से किसी भी प्रकार की प्लेटफॉर्म फीस या हिडन चार्ज लेने की मनाही है।
  • कोई लिमिट नहीं: यूजर बिना किसी मंथली ट्रांजैक्शन कोटा या फ्री यूसेज लिमिट के पहले की तरह ही असीमित और फ्री UPI ट्रांजैक्शन कर सकेंगे।
  • ग्राहकों पर बोझ डालने पर रोक: बैंकों और पेमेंट ऐप्स को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि मर्चेंट्स इस चार्ज का बोझ ग्राहकों की जेब पर न डालें।

MDR का पूरा हिसाब-किताब: कब लगेगा और कब रहेगा ज़ीरो?

NPCI के अनुसार, देश के लगभग 96% UPI ट्रांजैक्शन इस नए चार्ज के दायरे से पूरी तरह बाहर रहेंगे।

1. ₹2,000 तक के भुगतान पर शून्य (Zero) MDR

₹2,000 तक के किसी भी मर्चेंट पेमेंट (P2M) पर कोई MDR नहीं लगेगा। आम आदमी द्वारा चाय, राशन, या दैनिक जरूरतों के लिए किए जाने वाले ज्यादातर भुगतान इसी दायरे में आते हैं।

2. छोटे व्यापारियों (Small Merchants) को पूरी राहत

सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, सब्जी विक्रेता या छोटे दुकानदार P2PM (Person-to-Person-Merchant) श्रेणी में आते हैं। यदि इन्हें महीने में ₹1 लाख तक का भुगतान UPI QR कोड से प्राप्त होता है, तो ₹2,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर भी इनसे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।

₹2,000 से अधिक के बड़े UPI भुगतानों पर कितना लगेगा चार्ज?

बड़े व्यापारियों पर ₹2,000 से ऊपर के भुगतानों पर 0.4% का MDR (अधिकतम सीमा ₹300) लागू होगा:

भुगतान राशि (Payment)MDR चार्ज (0.4%)टिप्पणी
₹5,000₹20मर्चेंट द्वारा देय
₹10,000₹40मर्चेंट द्वारा देय
₹50,000₹200मर्चेंट द्वारा देय
₹75,000₹300अधिकतम कैपिंग लागू
₹1,000,000 (1 लाख)₹300कैपिंग के कारण चार्ज ₹300 ही रहेगा

विशेष क्षेत्रों के लिए रियायती दरें (Flat & Capital Market Rates)

व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए कुछ विशेष सेक्टर्स में दरों को और भी कम रखा गया है:

  • जरूरी एवं कम मार्जिन वाली सेवाएं: रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल (पेट्रोल/डीजल) और कृषि उत्पादों के लिए ₹2,000 से ऊपर के भुगतानों पर ₹5 का फ्लैट MDR लगेगा (0.4% की जगह)।
  • कैपिटल मार्केट (म्यूचुअल फंड/स्टॉक्स): म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और ब्रोकरेज भुगतानों पर केवल 0.02% का चार्ज लगेगा (अधिकतम कैप ₹300)। उदाहरण के लिए, ₹10,000 के स्टॉक इन्वेस्टमेंट पर मर्चेंट को सिर्फ ₹2 का MDR देना होगा।

कार्ड vs UPI: क्यों कार्ड पर स्विच करना समझदारी नहीं?

डेबिट और क्रेडिट कार्ड से पेमेंट स्वीकार करने पर व्यापारियों को आमतौर पर 0.9% से लेकर 2% या उससे अधिक तक का MDR देना पड़ता है।

इसके मुकाबले UPI पर लगने वाला 0.4% (अधिकतम ₹300) का शुल्क बहुत ही कम है। यही कारण है कि व्यापारी भी कार्ड की तुलना में UPI को ही प्राथमिकता देंगे। इसलिए, ग्राहकों को रोजाना के ट्रांजैक्शन के लिए डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर स्विच करने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।