हिसार: गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU) में 'छात्र संवाद' कार्यक्रम को लेकर हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई में तब्दील हो गया है। विश्वविद्यालय परिसर में जबरन घुसपैठ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोप में हिसार पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दिग्विजय समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
बिना अनुमति प्रवेश और पुलिस से धक्का-मुक्की
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ‘छात्र संवाद’ कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद:
भीड़ का जमावड़ा: लगभग 250-260 लोगों की भीड़ स्थानीय यादव धर्मशाला में एकत्रित हुई।
जबरन घुसपैठ: दोपहर करीब 12:10 बजे प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय के गेट नंबर-3 की ओर कूच किया और वहां तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की।
संपत्ति को नुकसान: आरोप है कि उग्र भीड़ ने सुरक्षा घेरा तोड़कर परिसर में प्रवेश किया और कुलपति (वीसी) कार्यालय के गेट को क्षतिग्रस्त कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और धाराएं
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना शहर हिसार में दिग्विजय और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इनमें शामिल प्रमुख आरोप हैं:
आपराधिक अतिचार (Criminal Trespass)
दंगा भड़काना (Rioting)
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाना
लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना
न्यायिक हिरासत और आगे की जांच
गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। हिसार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, घटना के समय की CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
विश्वविद्यालय परिसर में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती बरकरार रखी गई है।





