चंडीगढ़: पंजाब में अपराध के महिमामंडन और ‘गन कल्चर’ को लेकर छिड़ी बहस अब एक गंभीर सुरक्षा संकट में तब्दील हो गई है। ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 की विवादित वेब सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को लेकर उपजा विवाद अब धमकियों और कानूनी कार्यवाहियों के दौर में पहुंच गया है। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद इस सीरीज की रिलीज पर फिलहाल रोक लगा दी गई है, लेकिन इसके विरोध में आवाज उठाने वाले राज्य के कई दिग्गज नेता अब गैंगस्टरों के निशाने पर आ गए हैं।

दिग्गज नेताओं को विदेशी नंबरों से धमकी

सीरीज का विरोध करने वाले प्रमुख चेहरों को विदेशी वॉट्सऐप नंबरों से जान से मारने की धमकियां मिली हैं। धमकी पाने वालों में शामिल हैं:

अमरिंदर सिंह राजा वडिंग: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष

सुखजिंदर सिंह रंधावा: सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री

बलकौर सिंह: दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता

सूत्रों के अनुसार, सभी को एक जैसे संदेश भेजे गए हैं, जिससे किसी संगठित नेटवर्क की संलिप्तता की आशंका गहरा गई है। पंजाब पुलिस का साइबर विंग और खुफिया एजेंसियां इन विदेशी नंबरों को ट्रेस करने में जुटी हैं।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की सख्त एडवाइजरी

पंजाब पुलिस की सिफारिश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ZEE5 को एक एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने आईटी अधिनियम की धारा 69A(1) का हवाला देते हुए इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज को रिलीज न करने के निर्देश दिए हैं।

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस सीरीज में नाटकीय चित्रण और वास्तविक फुटेज का इस्तेमाल किया गया है, जो संगठित अपराध और अपराधियों को नायक के रूप में पेश करने का जोखिम पैदा करता है। इससे राज्य की शांति और कानून-व्यवस्था भंग होने की प्रबल आशंका थी।

विरोध के पीछे के मुख्य तर्क

पंजाबियत का अपमान: राजा वडिंग ने इसे पंजाब की संस्कृति पर हमला बताते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था और हाई कोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की थी।

पीड़ितों के जख्मों पर नमक: बलकौर सिंह का कहना है कि अपराधियों पर केंद्रित ऐसी सामग्री उन परिवारों के लिए असहनीय है जिन्होंने अपनों को खोया है।

युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव: विशेष डीजीपी (साइबर क्राइम) वी. नीरजा ने चेतावनी दी थी कि अपराधियों का महिमामंडन युवाओं को गलत रास्ते पर धकेल सकता है।

गन कल्चर को बढ़ावा: सांसद सुखजिंदर रंधावा ने इसे 'देशविरोधी' करार देते हुए कहा कि ऐसी सीरीज केवल हिंसा और गन कल्चर को बढ़ावा देती हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

धमकियों के मद्देनजर पंजाब पुलिस ने संबंधित नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर राज्य के सामाजिक ताने-बाने को बिगड़ने नहीं देंगे। यह मामला अब केवल एक वेब सीरीज का नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी बनाम सामाजिक सुरक्षा की एक बड़ी कानूनी लड़ाई बन चुका है।