भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी से परेशान लोगों को प्री-मानसून की गतिविधियों ने राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही अब मौसम विभाग ने एक बड़ी आफत की चेतावनी भी जारी की है। मौसम केंद्र के अनुसार, आज (19 जून 2026, शुक्रवार) सुबह से लेकर अगले दिन (20 जून) की सुबह तक प्रदेश के एक बहुत बड़े हिस्से में भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
इस दौरान राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इतनी तेज हवाओं के कारण पेड़ों की कमजोर शाखाएं टूटने, बिजली के खंभे व तार गिरने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं। मौसम विभाग ने आम जनता से बेहद सतर्क और अलर्ट रहने की अपील की है।
23-24 जून को मानसून की एंट्री, आज 37 जिलों में येलो अलर्ट
मध्य प्रदेश में इस बार मानसून थोड़ा देरी से दस्तक देने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, राज्य में मानसून की औपचारिक एंट्री 23 या 24 जून को हो सकती है।
फिलहाल आज के लिए मालवा-निमाड़ और कुछ पूर्वी क्षेत्रों को सबसे संवेदनशील माना गया है। विभाग ने भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित कुल 37 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है:
येलो अलर्ट वाले जिले: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, गुना, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, रतलाम, देवास, छिंदवाड़ा, बालाघाट, शाजापुर, आगर, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, अशोकनगर, डिंडौरी, शिवपुरी, दतिया, भिंड, सिवनी, मंडला, मुरैना, श्योपुरकलां, अनूपपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और पांढुर्णा।
राहत में रहेंगे 'ग्रीन जोन' वाले ये जिले
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों को ग्रीन जोन में रखा है, जिसका सीधा मतलब है कि इन क्षेत्रों में खराब मौसम या आंधी-तूफान की कोई चेतावनी नहीं है और यहाँ मौसम पूरी तरह सामान्य रहेगा:
पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्र: खरगोन, बुरहानपुर, धार, बड़वानी, अलीराजपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल और झाबुआ।
विंध्य और महाकौशल क्षेत्र: रीवा, मैहर, सीधी, सतना, सिंगरौली, कटनी, शहडोल और उमरिया।
सुरक्षा सर्वोपरि: मौसम विभाग की विशेष एडवायजरी
खराब मौसम और बिजली गिरने के खतरों को देखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों, किसानों और पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय जारी किए हैं:
1. आम नागरिकों के लिए जरूरी सलाह:
घरों में रहें: गरज-चमक या आंधी के दौरान घरों के अंदर ही रहें। बाहर होने पर भूलकर भी पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए घर के सभी कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग सॉकेट से निकाल दें।
सुरक्षित दूरी: खेतों, खुले मैदानों और निर्माण स्थलों (Construction sites) पर काम करने से बचें। वाहन चलाते समय गति धीमी रखें।
2. पशुपालकों के लिए निर्देश:
सुरक्षित शेड: रात और आंधी के समय सभी पशुओं को सुरक्षित व ढके हुए शेड में रखें। उन्हें खुले मैदानों या जल स्रोतों (नदी-तालाब) के पास न छोड़ें।
पेड़ों से दूर बांधें: आकाशीय बिजली गिरने के दौरान पशुओं को कभी भी पेड़ों के नीचे न बांधें। दोपहर की तेज धूप में चराई पर रोक लगाएं।
3. भीषण उमस और गर्मी से बचाव:
शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए लगातार पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सीधे धूप में निकलने से बचें।
बाहर निकलते समय हमेशा हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें तथा सिर को छाते, टोपी या कपड़े से ढककर रखें।





