लंदन। दुनिया के प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) ने अपने क्रिएटर मोनेटाइजेशन सिस्टम में कथित रूप से हेरफेर करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कड़ा कानूनी रुख अख्तियार किया है। कंपनी ने दो प्रमुख व्यक्तियों और उनके सहयोगियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने फर्जी (आर्टिफिशियल) एंगेजमेंट तैयार कर प्लेटफॉर्म से करोड़ों रुपये की नाजायज कमाई की है। यह मामला अब इंग्लैंड एवं वेल्स के उच्च न्यायालय (High Court) तक पहुंच गया है। (नोट: दिए गए विवरण में संदर्भित मेटा वास्तव में X/ट्विटर के संदर्भ में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में है।)

नेटवर्क बनाकर 6 अकाउंट्स से फर्जी बातचीत दिखाने का आरोप

X की कोर्ट फाइलिंग के मुताबिक, विवेक कुमार सेन और ज़मयांग शेरपा नामक व्यक्तियों तथा उनके अज्ञात साथियों ने मिलकर छह अलग-अलग X अकाउंट्स को इस तरह संचालित किया मानो वे स्वतंत्र यूजर्स हों। हालांकि, जांच में सामने आया कि ये सभी अकाउंट एक संगठित नेटवर्क की तरह काम कर रहे थे।

हेरफेर का तरीका (Modus Operandi):

  • क्रिप्टो कंटेंट की पोस्टिंग: ये अकाउंट्स मुख्य रूप से बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कंटेंट पोस्ट करते थे।
  • समय का तालमेल: एक अकाउंट से पोस्ट होने के कुछ सेकंड या मिनटों के भीतर ही अन्य अकाउंट्स से लगभग एक जैसा कंटेंट पोस्ट किया जाता था।
  • म्यूचुअल एंगेजमेंट: नेटवर्क के सभी अकाउंट्स एक-दूसरे की पोस्ट को तुरंत लाइक, रिप्लाई और रीपोस्ट करते थे, जिससे लगे कि कंटेंट पर असली यूजर्स की भारी दिलचस्पी है।

कैसे होती थी फर्जी एंगेजमेंट से कमाई?

X के 'क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम' के तहत क्रिएटर्स को उनकी पोस्ट पर मिलने वाले वास्तविक इंप्रेशन और एंगेजमेंट (लाइक, शेयर, कमेंट) के आधार पर विज्ञापन राजस्व का हिस्सा दिया जाता था।

आरोपियों ने इसी व्यवस्था का फायदा उठाया। नेटवर्क के जरिए कृत्रिम रूप से पोस्ट्स की लोकप्रियता बढ़ाकर X के सिस्टम को धोखा दिया गया और अधिक रेवेन्यू हासिल किया गया। X का दावा है कि इस पूरे फर्जीवाड़े के जरिए कम से कम £207,384 (लगभग 2.6 करोड़ रुपये) का भुगतान हासिल किया गया। X अब अदालत के जरिए इस पूरी रकम की वापसी के साथ-साथ हर्जाने और कानूनी खर्च की मांग कर रहा है।

X ने बंद किया पुराना 'क्रिएटर रेवेन्यू प्रोग्राम'

इस बड़े मामले के सामने आने के बाद X ने अपने मोनेटाइजेशन ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। X के आधिकारिक हेल्प सेंटर के अनुसार:

  • 7 अगस्त 2026 से 'क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम' में नए रजिस्ट्रेशन पूरी तरह रोक दिए गए।
  • 7 सितंबर 2026 को इस पुराने प्रोग्राम को पूरी तरह से रिटायर (बंद) कर दिया गया।

अब आगे क्या? फर्जी एंगेजमेंट और बॉट नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए X अब 'Original Content Rewards' (ओरिजिनल कंटेंट रिवॉर्ड्स) नाम से एक नया और अधिक सुरक्षित प्रोग्राम शुरू कर रहा है, ताकि केवल वास्तविक और मौलिक सामग्री बनाने वाले क्रिएटर्स को ही कमाई का अवसर मिले।