विशेष संवाददाता





रांची।अखिल भारतीय महिला सम्मेलन ने शनिवार को राजधानी के नामकुम प्रखंड के सपारोम गांव में जरूरतमंदों के बीच कंबल, ऊनी वस्त्र और खाद्य सामग्री का वितरण किया। वितरण के दौरान विशेष रूप से बुजुर्ग एवं जरूरतमंद ग्रामीण महिलाओं, बच्चों एवं विकलांगों को प्राथमिकता दी गयी और उनके बीच कम्बल, शॉल, जैकेट एवं अन्य वस्त्र के साथ ही खाद्य सामग्री भी बांटी गयी।





अध्यक्ष मीना सिंह के नेतृत्व में संपन्न इस कार्यक्रम के संदर्भ में जानकारी देते हुए सम्मेलन की सचिव अनुपमा प्रसाद ने बताया कि 1930 में स्थापित अखिल भारतीय महिला सम्मेलन का उद्देश्य हमेशा से समाज के उन वंचित वर्गों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी आवश्यकताओं को पूरा करना है, जो आर्थिक दृष्टिकोण से कमजोर स्थिति में हैं। 1930 में सरोजिनी नायडू इसकी अध्यक्ष थीं‌। इससे पूर्व में ब्रिटिश महिलाएं इसकी अध्यक्ष रहीं थी।सम्मेलन द्वारा हमेशा समाज के कमजोर तबकों की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही उनमें शिक्षा एवं जागरूकता को भी बढ़ावा दिया जाता है। इस बार भी सोपारोम में किये गये कार्यक्रम के दौरान तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के नये वरिएंट ओमीक्रॉन के संदर्भ में सभी लोगों को जानकारी दी गयी और उनके बीच में जागरूकता उत्पन्न किया गया।





महिला सम्मेलन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सभी से अपील की कि वे कोरोना की संभावित नयी लहर से घबराने की बजाय सतर्कता के साथ कदम बढ़ायें। यदि पूरी सावधानी बरती गयी तो ओमीक्रॉम निष्प्रभावी रहेगा। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन कुमकुम गौड़ ने किया। कार्यक्रम आयोजन के दौरान रानीमाला शुक्ला, कविता सिंह, रूबी शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।उक्त जानकारी अनुपमा प्रसाद ने दी।