नई दिल्ली: क्या आपको कभी किसी रिश्तेदार या दोस्त का अचानक फोन आया है, जिसमें वह बेहद घबराई हुई आवाज में तुरंत पैसों की मदद मांग रहा हो? आवाज बिल्कुल जानी-पहचानी लगती है और स्थिति इतनी आपातकालीन बताई जाती है कि सोचने का मौका नहीं मिलता। अगर ऐसा हुआ है, तो सावधान हो जाइए! एआई (AI) के इस दौर में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया और बेहद खतरनाक तरीका ढूंढ निकाला है, जिसे 'AI Voice Cloning Fraud' कहा जाता है।
अब ऑनलाइन फ्रॉड सिर्फ फर्जी एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज, फिशिंग लिंक या घातक APK फाइल तक सीमित नहीं है। साइबर क्रिमिनल्स अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से आपकी और आपके करीबियों की हूबहू आवाज बनाकर लोगों को चूना लगा रहे हैं।
कैसे तैयार की जाती है आपकी नकली आवाज? (Voice Cloning Process)
साइबर अपराधी AI आधारित वॉइस क्लोनिंग टूल्स के जरिए किसी व्यक्ति की आवाज की सटीक नकल तैयार करते हैं:
- आवाज का सैंपल हासिल करना: अपराधी सोशल मीडिया (Instagram, Facebook, YouTube) पर आपके द्वारा पोस्ट की गई रील्स, शॉर्ट्स, वीडियो या ऑडियो क्लिप्स से आपकी आवाज का सैंपल चुराते हैं।
- AI टूल से प्रोसेसिंग: AI आधारित सॉफ्टवेयर इन ऑडियो क्लिप्स से आपके बोलने के तरीके, टोन, एक्सेंट और आवाज की बारीकियों को सीखकर उसकी हूबहू कॉपी तैयार कर देता है।
- नकली इमरजेंसी कॉल: इसके बाद परिवार या दोस्तों को फोन या वॉइस नोट भेजकर किसी एक्सीडेंट, पुलिस कस्टडी या मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाया जाता है और जल्द से जल्द पैसे ट्रांसफर करने को कहा जाता है।
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AI वॉइस स्कैम से कैसे बचें? (सुरक्षा के 3 गोल्डन रूल्स)
- 1. 'Secret Codeword' (गुप्त कोडवर्ड) तय करें: परिवार और करीबी दोस्तों के बीच एक सीक्रेट कोडवर्ड तय कर लें। जब भी किसी का अचानक इमरजेंसी कॉल आए और पैसे मांगे जाएं, तो तुरंत उस कोडवर्ड के बारे में पूछें। असली व्यक्ति को कोड पता होगा, जबकि स्कैमर पकड़ा जाएगा।
- 2. क्रॉस-वेरिफिकेशन (पुष्टि) जरूर करें: सिर्फ आवाज सुनकर कभी भी तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें। कॉल काटकर संबंधित व्यक्ति के मूल नंबर पर दोबारा कॉल करें या परिवार के किसी अन्य सदस्य से बात करके स्थिति की पुष्टि करें।
- 3. सोशल मीडिया पर रहें सतर्क: अपनी स्पष्ट और लंबी आवाज वाले वीडियो को बहुत ज्यादा सार्वजनिक (Publicly) शेयर करने से बचें। अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत रखें।
अगर साइबर फ्रॉड हो जाए तो तुरंत कहां करें शिकायत?
यदि आप या आपका कोई परिचित इस प्रकार की डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए निम्नलिखित माध्यमों पर तुरंत रिपोर्ट करें:
| हेल्पलाइन / पोर्टलविवरण | |
| हेल्पलाइन नंबर 1930 | वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर ट्रांजैक्शन ब्लॉक कराएं। |
| साइबर क्राइम पोर्टल | cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। |
| संचार साथी पोर्टल | संदिग्ध कॉल, मैसेज या धोखेबाज़ नंबरों की रिपोर्ट के लिए Sanchar Saathi पोर्टल की सेवाओं का उपयोग करें। |
याद रखें: सावधानी ही सुरक्षा है! सिर्फ आवाज जानी-पहचानी लगने पर आंख मूंदकर भरोसा न करें; पैसे भेजने से पहले एक बार पुष्टि करना ही आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रख सकता है।
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