कोलकाता: अगस्त 2024 के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। रविवार (9 अगस्त) को पानीहाटी में आयोजित पीड़िता की शोक सभा के दौरान मामले की नए सिरे से जांच कराने की घोषणा की गई है। इस दौरान आरोप लगाया गया कि वारदात के बाद राज्य पुलिस अपनी नैतिक और कानूनी ड्यूटी निभाने में पूरी तरह विफल रही, जिसके चलते अब विशेष आयोग अधिनियम, 1952 (Commission of Inquiry Act, 1952) के तहत पूरे मामले की नए सिरे से जांच कराई जाएगी।

यह फैसला पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ (जो अब भाजपा विधायक हैं) के लिखित अनुरोध पर मुख्य सचिव और कानूनी विशेषज्ञों की टीम के साथ हुई विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है।

श्मशान घाट पर जल्दबाजी और अनियमितता की अलग से जांच शोक सभा को संबोधित करते हुए पीड़िता के अंतिम संस्कार में हुई कथित लापरवाही और जल्दबाजी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया:

  • कतार बदलने का आरोप: दावा किया गया कि नतागढ़ कदमतला श्मशान घाट पर पीड़िता का शव शुरुआत में कतार में तीसरे स्थान पर था, लेकिन उसे अचानक पहले स्थान पर लाकर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार पूरा कर दिया गया।
  • प्रक्रियात्मक खामियां: आरोप है कि अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं किया गया और न ही किसी निकट संबंधी के जरूरी हस्ताक्षर लिए गए।
  • तीन लोगों पर सांठगांठ का आरोप: इस पूरे घटनाक्रम में निर्मल घोष, सोमनाथ दे और संजीब मुखर्जी की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।

चूंकि अंतिम संस्कार से जुड़ा यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की मौजूदा जांच के दायरे में सीधे नहीं आता, इसलिए बैरकपुर के पुलिस आयुक्त को इस संदर्भ में अलग से एफआईआर दर्ज कर स्वतंत्र जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

अगस्त 2024 से अब तक का घटनाक्रम 9 अगस्त 2024 को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल से ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था, जिसके बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे:

  • सीबीआई जांच और सजा: कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर 13 अगस्त 2024 को जांच सीबीआई को सौंपी गई। जनवरी 2025 में विशेष अदालत ने मुख्य आरोपी संजय रॉय को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष को भी गिरफ्तार किया गया।
  • सुप्रीम कोर्ट और एसआईटी: सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए नेशनल टास्क फोर्स (NTF) का गठन किया था। मई 2026 में, परिवार की इस आशंका पर कि अपराध में अन्य लोग भी शामिल थे, कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई की 3-सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया, जो वर्तमान में गहन पड़ताल कर रही है।