उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के आलू उत्पादक किसानों को बाजार के जोखिम और कीमतों में भारी गिरावट से बचाने के लिए 'भामाशाह भाव स्थिरता कोष' की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री के लोक कल्याण संकल्प पत्र के तहत शुरू की गई इस योजना का सीधा लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने के लिए आजमगढ़ में जिला उद्यान विभाग द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

योजना के मुख्य आकर्षण और लाभ

  • दाम गिरने पर क्षतिपूर्ति अनुदान: यदि बाजार में आलू का भाव अत्यधिक गिरता है, तो किसानों को लागत के 25 प्रतिशत या फिर उत्पादन लागत व बिक्री मूल्य के अंतर (दोनों में से जो कम हो) के बराबर सब्सिडी दी जाएगी।
  • कोल्ड स्टोरेज भाड़ा सहायता: निजी शीतगृहों (कोल्ड स्टोरेज) में आलू रखने वाले किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भंडारण शुल्क अनुदान मिलेगा।
  • पारदर्शी भुगतान (DBT): योजना के तहत दी जाने वाली समस्त सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की जाएगी।

पात्रता और वित्तीय सीमाएं

  • बाजार अनुदान सीमा: प्रति किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्रफल और प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 क्विंटल आलू उत्पादन पर ही यह लाभ देय होगा।
  • भाड़ा अनुदान सीमा: कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी के अंतर्गत एक किसान को अधिकतम 20,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी जय करण सिंह ने जिले के सभी आलू उत्पादक किसानों से योजना में रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है।

इच्छुक किसान उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के आधिकारिक पोर्टल https://potato.uphorticulture.in पर जाकर या विभाग द्वारा जारी बारकोड को स्कैन करके अपना ऑनलाइन पंजीकरण तुरंत करा सकते हैं।