राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री (Child Sexual Exploitation and Abuse Material - CSEAM) के विज्ञापनों के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने मेटा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और कंट्री हेड को 9 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया है।

आयोग अब इस बात की औपचारिक और गहन जांच कर रहा है कि बच्चों से जुड़ा आपत्तिजनक विज्ञापन इंस्टाग्राम के सिस्टम तक कैसे पहुँचा और इसे प्रकाशित होने की अनुमति कैसे मिली।

3 जुलाई को भेजा गया था शुरुआती नोटिस

एनसीपीसीआर ने बीबीसी आई (BBC Eye) की एक खोजी मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए 3 जुलाई 2026 को मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक को नोटिस जारी किया था:

  • आयोग ने मेटा से सीएसईएएम से जुड़े विज्ञापनों पर विस्तृत जवाब और संबंधित दस्तावेज़ मांगे थे।
  • मेटा द्वारा एक सप्ताह बाद सौंपे गए जवाब के बाद, आयोग ने मामले की गहराई से जांच करने के लिए औपचारिक कार्यवाही शुरू की।
  • इस जांच में पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के कड़े प्रावधानों के तहत मेटा इंडिया के सिस्टम और उसकी भूमिका का मूल्यांकन किया जाएगा।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) भी सख्त

मेटा और इंस्टाग्राम के खिलाफ सिर्फ एनसीपीसीआर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी कार्रवाई शुरू की है:

  • एनएचआरसी ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस भेजकर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
  • एनएचआरसी सदस्य प्रियंक कानूनगो के अनुसार, जांच अब केवल सामग्री अपलोड करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगी। यह भी देखा जाएगा कि प्लेटफॉर्म का अपना सिस्टम ऐसे कंटेंट को फैलाने और उससे कमाई करने में किस हद तक जवाबदेह है।

मेटा की सफाई और वर्तमान स्थिति

कंपनी ने इस पूरे विवाद पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है:

  • ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी: बच्चों के शोषण के प्रति कंपनी ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है और उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों एवं खातों को तुरंत हटा दिया जाता है।
  • अकाउंट्स पर कार्रवाई: मेटा के डिटेक्शन सिस्टम ने पिछले छह महीनों में भारत में ऐसे 1.6 लाख से अधिक संदिग्ध खातों को हटाया है।
  • आरोपों का खंडन: कंपनी ने इस बात से इंकार किया है कि उसने जानबूझकर ऐसे विज्ञापनों को बढ़ावा दिया या लक्षित उपयोगकर्ताओं को दिखाया।

हालांकि, एनसीपीसीआर द्वारा मेटा इंडिया प्रमुख को समन जारी किए जाने के बाद कंपनी की तरफ से कोई ताजा आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।