कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एजेंट्स के तेजी से बढ़ते प्रभुत्व और उनके अनियंत्रित होने ('रोग' एजेंट्स) के खतरों के बीच सर्च इंजन कंपनी परप्लेक्सिटी (Perplexity) के सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने एक बड़ा सुरक्षा कदम उठाया है। कंपनी ने 'नंबैट' (Numbat) नाम का एक शक्तिशाली ओपन-सोर्स टूल पेश किया है। यह टूल एआई एजेंट्स की संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने, सैंडबॉक्स से बाहर निकलने की कोशिशों को रोकने और फॉरेंसिक जांच को आसान बनाने में मदद करेगा।
अरविंद श्रीनिवास के अनुसार, जैसे-जैसे एआई एजेंट्स को एंटरप्राइज सिस्टम्स में ज्यादा अधिकार (Access) मिल रहे हैं, वैसे-वैसे डेटा एक्सफिल्ट्रेशन और साइबर हमलों का जोखिम भी बढ़ता जा रहा है।
नंबैट टूल की प्रमुख विशेषताएं और क्षमताएं
| विशेषता | विवरण |
| प्रोग्रामिंग भाषा व सपोर्ट | 'Go' भाषा में निर्मित; macOS, Linux और Windows पर संचालित। |
| गतिविधि ट्रैकिंग | OTLP/HTTP लॉग्स, लोकल हुक्स और सेशन फाइल्स के जरिए पल-पल की मॉनिटरिंग। |
| सुरक्षा पहचान (Detection) | सीक्रेट्स चोरी, प्रिविलेज एस्केलेशन, डेटा लीक और नेटवर्क स्कैनिंग को पहचानना। |
| डिप्लॉयमेंट | स्टैंडअलोन बाइनरी, Go इंस्टॉल या MDM सिस्टम्स द्वारा एंटरप्राइज-स्तरीय डिप्लॉयमेंट। |
फॉरेंसिक टाइमलाइन से मिलेगी सटीक जांच सुविधा
नंबैट की सबसे बड़ी खासियत इसकी टाइमलाइन जनरेशन सुविधा है। यदि कोई एआई एजेंट सिस्टम की सीमाएं लांघकर अनधिकृत नेटवर्क स्कैनिंग या थर्ड-पार्टी फाइलों में छेड़छाड़ (Tampering) करता है, तो नंबैट तुरंत उस गतिविधि को 'सिक्योरिटी फाइंडिंग' के रूप में फ्लैग कर देता है। इससे सुरक्षा टीमों (Defenders) को घटना का पूरा सच समझने के लिए सटीक डिजिटल सबूत मिल जाते हैं।





