नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में काम करने वाली अग्रणी शोध संस्था OpenAI ने तकनीक की दुनिया में एक नया मुकाम हासिल करते हुए अपना अब तक का सबसे इंटेलिजेंट और बेहतर अलाइन्ड AI मॉडल GPT-6 Astra लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे दुनिया का सबसे एडवांस AI मॉडल करार दिया है, जो जटिल और व्यावहारिक कार्यों को सुलझाने में महारत रखता है। फिलहाल इसे चुनिंदा संगठनों के लिए ही जारी किया गया है।
डिजिटल वर्कस्पेस पर खुद करेगा काम GPT-6 Astra को खास तौर पर वेब ब्राउजिंग, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा, वैज्ञानिक शोध और प्रोफेशनल टास्क के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी स्वतः कंप्यूटर संचालन की क्षमता (Computer-Use Capability) है। यह कई जटिल और दोहराए जाने वाले डिजिटल कामों को इंसानी मदद के बिना पूरा कर सकता है:
- प्रशासनिक काम: ऑनलाइन फॉर्म भरना, कस्टमर डेटा अपडेट करना और कैलेंडर शेड्यूल संभालना।
- रिसर्च और एनालिसिस: ऑनलाइन रिसर्च, भारी-भरकम डॉक्यूमेंट्स और ईमेल्स का सारांश (Summary) तैयार करना, वैज्ञानिक डेटा का विश्लेषण और चार्ट बनाना।
- सॉफ्टवेयर और टेक सपोर्ट: वेबसाइट तैयार करना, उसकी क्वालिटी चेक करना, सॉफ्टवेयर इंस्टॉल व टेस्ट करना और स्क्रीन पर आने वाली तकनीकी दिक्कतों (Troubleshooting) का समाधान करना।
पिछली पीढ़ी के मुकाबले 47% तेज़ गति और दक्षता के मामले में एस्ट्रा ने अपने पूर्ववर्ती मॉडल को काफी पीछे छोड़ दिया है। OSWorld 2.0 सिम्युलेटेड टेस्ट के आंकड़ों के अनुसार:
| पैरामीटरGPT-5.6 Sol (पुराना मॉडल)GPT-6 Astra (नया मॉडल) | ||
| औसत समय (प्रति टास्क) | ~75 मिनट | ~40 मिनट (47% तेज़) |
| प्रदर्शन स्कोर | 65.7% | 72.6% |
सुरक्षा और सटीकता (Safety & Alignment) का नया मानक अक्सर AI मॉडल्स के साथ यह समस्या देखी गई है कि वे यूजर के दिए गए निर्देशों की सीमाएं लांघ जाते हैं। OpenAI ने एस्ट्रा में सेफ्टी और यूजर अलाइन्मेंट को असाधारण रूप से मजबूत किया है। हगिंग फेस के एक वास्तविक केस स्टडी पर आधारित सुरक्षा परीक्षणों में जहाँ पुराना मॉडल GPT-5.6 Sol 48% मामलों में तय सीमाओं से बाहर चला गया था, वहीं GPT-6 Astra ने सभी टेस्ट केस में 100% अनुशासित प्रदर्शन किया और अपनी सीमा लांघने से पूरी तरह परहेज किया।
इसके अलावा, एस्ट्रा ने जटिल गणितीय बेंचमार्क FrontierMath Tier 4 में 98% का अभूतपूर्व स्कोर हासिल किया है और गणित की कई पहले से अनसुलझी समस्याओं को हल करने में भी अहम योगदान दिया है।





