खेल डेस्क। आइची-नगोया (जापान) में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल से जुड़ा एक बड़ा और अभूतपूर्व विवाद सामने आया है। प्रतियोगिता में अपने मुकाबले शुरू होने से महज दो दिन पहले भारतीय रोअर्स (नौकायन खिलाड़ी) ने टीम मैनेजमेंट के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। विवाद की मुख्य वजह खिलाड़ियों की सहमति के बिना उनके तय इवेंट्स में आखिरी समय पर किए गए बड़े बदलाव हैं।
यदि भारतीय रोअर्स हड़ताल पर जाते हैं, तो भारतीय खेल इतिहास में यह अपनी तरह का पहला और बेहद अप्रत्याशित कदम होगा।
तूफान 'डुजुआन' के चलते बदला शेड्यूल, फिर बदला क्रू
जापान में टाइफून डुजुआन के खतरे को देखते हुए 20 सितंबर से शुरू होने वाली रोइंग प्रतियोगिताओं को स्थगित कर 23 और 24 सितंबर को री-शेड्यूल किया गया है। पहले जो मुकाबले 5 दिनों में होने थे, उन्हें अब महज 2 दिनों में समेटा जा रहा है।
शेड्यूल बदलते ही रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (RFI) और टीम मैनेजमेंट ने एंट्रीज और क्रू में कई फेरबदल कर दिए, जिससे खिलाड़ी मानसिक रूप से काफी आहत हैं।
खिलाड़ियों की अदला-बदली से रोअर्स में नाराजगी
प्रशिक्षण और तालमेल से इतर जिन प्रमुख खिलाड़ियों के इवेंट बदले गए हैं, उनमें शामिल हैं:
- डबल और क्वाड्रपल स्कल्स: मेन्स डबल स्कल्स के नवदीप सिंह और कुलविंदर सिंह को 'क्वाड्रपल स्कल्स' में भेज दिया गया है, जबकि 'क्वाड्रपल स्कल्स' के सलमान और सतनाम को 'डबल स्कल्स' में शिफ्ट किया गया है।
- सिंगल स्कल्स का फेरबदल: बलराज पंवार को 'क्वाड्रपल' से निकालकर 'सिंगल स्कल्स' में भेजा गया, वहीं अरविंद सिंह को 'सिंगल स्कल्स' से हटाकर 'क्वाड्रपल' का हिस्सा बना दिया गया है।
- पेयर व कॉक्सलेस फोर: विपुल घुर्डे को 'मेन्स पेयर' से 'कॉक्सलेस फोर' में शिफ्ट किया गया है। रिजर्व खिलाड़ी सौरव कुमार को पूरी तरह बाहर कर दिया गया है, जबकि रिजर्व जसमैल सिंह को 'कॉक्सलेस फोर' में शामिल किया गया है। वहीं नितिन कुमार और जसविंदर सिंह को 'कॉक्सलेस फोर' से हटाकर 'मेन्स पेयर' में भेजा गया है।
"6 महीने की मेहनत पर आखिरी समय में पानी फिरा"
नाम न छापने की शर्त पर एक राष्ट्रीय रोअर ने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा:
"रोइंग पूरी तरह से आपसी समन्वय और तालमेल का खेल है। आप आखिरी क्षणों में इस तरह खिलाड़ियों को एक से दूसरे इवेंट में नहीं डाल सकते। हम पिछले 6 महीनों से नेशनल कैंप में अपने-अपने तय इवेंट्स के लिए अभ्यास कर रहे हैं। अब मुकाबला शुरू होने से दो दिन पहले हमसे कहा जा रहा है कि हम नए इवेंट में उतरें। खिलाड़ी मानसिक रूप से बहुत आहत हैं और ट्रेनिंग करने की स्थिति में नहीं हैं।"
रोइंग फेडरेशन की सफाई: 'मेडल की संभावना बढ़ाना ही मकसद'
दूसरी ओर, रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि यह कदम देश के लिए पदक जीतने की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए उठाया गया है। फेडरेशन के मुताबिक, तूफान के कारण रोइंग के दिन 5 से घटाकर 2 कर दिए गए हैं और सेमीफाइनल भी हटा दिए गए हैं। चूंकि रोइंग एक अत्यधिक थकाऊ खेल है, इसलिए बेहद कम समय में एक ही खिलाड़ी का कई इवेंट्स में भाग लेना नामुमकिन था, जिसके चलते यह पुनर्गठन करना पड़ा।





