नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस हाईकमान ने राज्य में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने अपने प्रदेश नेताओं को सपा और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखी बयानबाजी से बचने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, कांग्रेस ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से अक्टूबर महीने के भीतर ही सीट बंटवारे के समझौते को अंतिम रूप देने का आग्रह किया है।

गठबंधन की इस कवायद के बीच कांग्रेस उत्तर प्रदेश संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी में है। रणनीतिक और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की जगह विधायक दल की नेता अराधना मिश्रा 'मोना' को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी जा सकती है।

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अराधना मिश्रा को कमान देने के पीछे की रणनीति

पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश नेतृत्व में बदलाव अजय राय के प्रदर्शन के कारण नहीं, बल्कि नए राजनीतिक-सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए किया जा रहा है:

  • ब्राह्मण समुदाय को साधने की कोशिश: कांग्रेस का आकलन है कि राज्य में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली ब्राह्मण समुदाय मौजूदा स्थिति में भाजपा से असंतुष्ट है। अराधना मिश्रा को अध्यक्ष बनाकर पार्टी इस वर्ग को एक बड़ा सियासी संदेश देना चाहती है।
  • सपा के साथ बेहतर तालमेल: अराधना मिश्रा और उनके पिता वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी के समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ हमेशा मधुर संबंध रहे हैं। इससे गठबंधन की बातचीत और चुनावी समन्वय में काफी आसानी होगी।
  • कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति: राज्य के क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन (दलित, पिछड़ा और मुस्लिम वर्ग) को बनाए रखने के लिए 3 से 4 कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए जाने की योजना है।

राहुल गांधी संग बैठक में बदलावों की सूची पर चर्चा

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने राज्य संगठन में फेरबदल की रूपरेखा तैयार कर ली है। सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में जिला और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक बदलावों की सूची सौंप दी गई है। माना जा रहा है कि अगले कुछ ही दिनों में नई टीम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।

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150 सीटों पर दावेदारी और सीट बंटवारे का फॉर्मूला

प्रदेश कांग्रेस नेताओं द्वारा 150 सीटों पर किए जा रहे दावों पर प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने स्पष्ट किया कि हर पार्टी का अपना आकलन होता है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच मिलकर चुनाव लड़ने पर पूर्ण सहमति है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि चुनावी तैयारियों में कोई देरी न हो, इसलिए अक्टूबर में सम्मानजनक तरीके से सीट बंटवारा पूरा कर लिया जाएगा।

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