नई दिल्ली:

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय रबी कृषि सम्मेलन 2026-27 के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत देश के 10 राज्यों को कुल ₹1,000 करोड़ से अधिक की कृषि विकास निधि मंजूर करने की आधिकारिक जानकारी दी।

29 सितंबर को दिल्ली में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में देशभर के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस मंच से मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए 'खेत बचाओ अभियान' के अगले चरण और दलहन खरीद की पारदर्शी नीति का खाका पेश किया गया।

किस राज्य को मिली कितनी निधि? (मुख्य आंकड़े)

मंजूर की गई ₹1000 करोड़ से अधिक की राशि का उपयोग राज्यों में सिंचाई, कृषि बुनियादी ढांचे (Infra) और उत्पादकता बढ़ाने वाली परियोजनाओं में किया जाएगा:

  • पश्चिम बंगाल: ₹290 करोड़ (सर्वाधिक)
  • हरियाणा: ₹198 करोड़
  • छत्तीसगढ़: ₹181 करोड़
  • अरुणाचल प्रदेश: ₹154 करोड़
  • बिहार: ₹114 करोड़
  • अन्य राज्य: कर्नाटक (₹104 करोड़), मिजोरम (₹75 करोड़), हिमाचल प्रदेश (₹64 करोड़), झारखंड (₹58 करोड़) तथा पंजाब (₹43 करोड़)।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री चौहान ने स्पष्ट किया:

"सरकारें और राजनीतिक दल आते-जाते रहते हैं, लेकिन देश और किसान स्थायी रहते हैं। इसलिए कृषि के विकास मंच पर राजनीति की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।"

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'खेत बचाओ अभियान' और दलहन खेती पर विशेष जोर

  • अभियान की तिथियां: मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए "खेत बचाओ अभियान" का नया चरण 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक देशभर में चलाया जाएगा। इसमें 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड' (Soil Health Card) के आधार पर संतुलित उर्वरक प्रयोग और मित्र कीटों के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  • धान के बाद दलहन का विकल्प: झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में धान की कटाई के बाद खाली पड़े खेतों में तुअर, उड़द और मसूर उगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • 100% MSP व 48 घंटे में भुगतान: केंद्र सरकार ने गारंटी दी है कि तुअर, उड़द और मसूर की शत-प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर होगी तथा किसानों को उनकी फसल का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे उनके खातों में कर दिया जाएगा।

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आयात निर्भरता घटाने और अतिरिक्त कमाई की पहल

भारत हर साल बड़ी मात्रा में दलहन का आयात करता है। धान कटाई के बाद परती पड़े खेतों में दलहन की बुवाई को बढ़ावा देकर सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में इजाफा करने का लक्ष्य रख रही है। 48 घंटे में भुगतान की गारंटी से किसानों का भरोसा बढ़ेगा, जिससे वे बेझिझक इन फसलों की ओर रुख कर सकेंगे।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय अब रबी सीजन की तैयारियों, खाद-बीज की उपलब्धता और सिंचाई संबंधी समस्याओं की निगरानी के लिए राज्यों के साथ हर महीने नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करेगा।

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