खलिहान के पुआल कुम्भा में आग लगने से चार मासूम जले जिन्दा





पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड के गितिलपी गांव की घटना





मुआवजे के लिए तत्काल कार्रवाई होगी:विधायक





पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,जैंतगढ़।जगन्नाथपुर थानार्गत भनगांव पंचायत के गितिलपी गांव में खलियान में रखे पुआल कुम्भा में अचानक आग लगने से हंसते खेलते चार मासूमों की जिन्दा जलने से मौत हो गई।घटना सोमवार सुबह करीब दस बजे की बताई जा रही है।एक दर्दनाक मंजर सामने आया।





मिली जानकारी के अनुसार एक ग्रामीण महिला चापाकल से पानी लेने आई थी,उसने कुम्भे में दहकती आग को देखकर आवाज लगाई,उसने बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनी और बचाने का प्रयास किया,लेकिन तब तक देर हो चुकी थी, बच्चे जल चुके थे।मृतक बच्चों में तीन लड़के और एक लड़की है। सभी की उम्र तीन से पांच वर्ष बीच बताई जा रही है,अग्नि शमन वाहन द्वारा आग पर काबू पाने के बाद शवों को बाहर निकाला गया।बच्चों का शरीर बुरी तरह झुलस चुका था। घटना के समय घर में सिर्फ बच्चों की दादी मौजूद थी।मां लकड़ी लाने के लिए जंगल की ओर गई हुई थी।





गितिलपी ग्राम के तीन परिवार के चारों बच्चों में सुकराम सुंडी के 5 वर्षीय बेटी भुमिका सुंडी और तीन वर्षीय बेटा रोहित सूंडी,अर्जुन चातर के पांच वर्षीय बेटा प्रिंस चातर और चंद्रमोहन सिंकू का पांच वर्षीय बेटा साहिल सिंकू शामिल हैं। इनमे अर्जून और सुकराम भुवनेश्वर में रह कर मजदूरी करते हैं।चंद्रमोहन सिंकू गांव में है,लेकिन घटना के समय वह किसी काम से बाहर गए हुए थे।





लोकल न्यूज ग्रुप में घटना की खबर जंगल की आग की तरह वायरल होने के बाद तत्काल जिला प्रशासन हरकत में आया। उपायुक्त के आदेश पर जिले के एडीसी प्रवीण केरकेट्टा, एलआरडीसी अनीता केरकेट्टा,सिविल सर्जन डॉ. सुशान्त कुमार माझी, जगन्नाथपुर अनुमंडल पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव, प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्यम कुमार, डीएसपी राफेल मुर्मू, थाना प्रभारी संजय सिंह, विद्युत विभाग के जेई प्रमोद कुमार और अग्नि शमन विभाग की टीम दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। आनन फानन में आग पर काबू पाया गया। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद थाना प्रभारी के देखरेख में शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेज दिया गया।शव के वापस आने के बाद आदिवासी रीति रिवाज से शवों का अन्तिम संस्कार कर डिस्पोज किया जिएगा।





परिजनों के दुख की बेला मे प्रशासनिक पदाधिकारी अन्तिम समय तक सांत्वना देते रहे। प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्यम कुमार ने कहा कि सरकारी मानक के अनुसार शीघ्र ही पीड़ित परिवारों को मुआवजे की राशि अदि की जाएगी।





घटना के बाद ग्रामीण काफी आहत हैं। दिन भर गितिलपी गांव में मातम छाया रहा,परिजन बिलखते रहे।ग्रामीण और मुखिया सहित प्रशासनिक महकमा परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटा रहा।





घटना की सूचना मिलते ही जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकू गितिलपी गांव पहुंचे। विधायक किसी काम से रांची जा रहे थे। बीच रास्ते से वापस लौटकर मृत मासूमों के परिजनों से मिलकर हाल चाल जाना।परिजनों के साथ दुख प्रकट किया और आश्वासन देकर ढांढस बंधाया। विधायक ने कहा डीसी से बात कर तत्काल मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।