अहमदाबाद/वेरावल। गुजरात में एक बार फिर प्रमुख धार्मिक स्थलों और राजनीतिक कार्यालयों को निशाना बनाने की धमकी से हड़कंप मच गया। एक अज्ञात ईमेल के माध्यम से प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर तथा अहमदाबाद में स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय कार्यालय, कोबा कार्यालय और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से जुड़े संदर्भों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई।

ईमेल मिलते ही राज्य की सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं और प्रभावित परिसरों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, सघन जांच के बाद कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ, जिससे सुरक्षा बलों और नागरिकों ने राहत की सांस ली।

ईमेल में देश-विरोधी बातें और पाकिस्तान समर्थक नारे

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात आईडी से भेजे गए इस धमकी भरे ईमेल में कई विवादित व देश-विरोधी बातें लिखी गई थीं। आरोपी ने डर का माहौल पैदा करने के उद्देश्य से पाकिस्तान के समर्थन में नारे लिखे थे और दावा किया था कि सोमनाथ मंदिर समेत प्रमुख स्थानों पर बम प्लांट किए गए हैं।

भाजपा कार्यालयों और सोमनाथ मंदिर में तलाशी अभियान

धमकी की सूचना मिलते ही अहमदाबाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) और डॉग स्क्वॉड की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाला:

  • अहमदाबाद में चेकिंग: पुलिस टीम खानपुर स्थित भाजपा के पुराने कार्यालय और गांधीनगर मार्ग पर स्थित 'कमलम' (कोबा) कार्यालय पहुंची। डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे परिसर, पार्किंग और आसपास के क्षेत्रों के कोने-कोने की बारीकी से जांच की गई।
  • वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट सहित कई वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
  • सोमनाथ मंदिर परिसर में सुरक्षा कड़ी: गिर सोमनाथ जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर परिसर में भी सुरक्षा तंत्र को तुरंत सतर्क कर दिया गया और आसपास के क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

साइबर क्राइम ब्रांच ने शुरू की आईपी एड्रेस की जांच

सघन तलाशी अभियान के बाद पुलिस ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है।

फिलहाल गुजरात पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ईमेल के आईपी (IP) एड्रेस, सर्वर लोकेशन और भेजने वाले का डिजिटल ट्रेल ट्रैक किया जा रहा है ताकि इस हरकत के पीछे शामिल व्यक्ति या संगठन का पता लगाया जा सके। एहतियात के तौर पर राज्य के सभी संवेदनशील और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।