पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,धनबाद।नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सूची में जिले में प्रदूषण की स्थिति को लेकर धनबाद का नाम भी शामिल है।क्लिन एयर प्रोग्राम के तहत इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को बढ़ावा दिया जाना है।अगर इलेक्ट्रिक वाहनों की बात करें तो ऐसा नहीं है कि जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ोतरी नहीं हुई है।





इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। शहर में करीब दस हजार इलेक्ट्रिक वाहन चल रहे हैं। वर्ष 2024 में मात्र चार इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर उतरे।इनमें से अधिकांश सवारी वाहन यानी टोटो हैं,लेकिन आज टोटो चालक काफी परेशान हैं। उनकी परेशानी का कारण चार्जिंग स्टेशन है।टोटो चालक एक बार घर से उसे चार्ज कर निकल जाते हैं,लेकिन अगर रास्ते में टोटो की बैटरी खत्म हो जाती है तो उन्हें भगवान भरोसे ही रहना पड़ता है,क्योंकि शहर में एक भी चार्जिंग प्वाइंट नहीं है।





टोटो चलाने वाले पवन कुमार सिंह ने कहा कि शहर में कहीं भी चार्जिंग प्वाइंट नहीं है।रास्ते में वाहन का चार्ज खत्म होने पर उसे धक्का देकर ले जाना पड़ता है या फिर दूसरे वाहन से खींचकर ले जाना पड़ता है।पवन ने कहा कि एक किलोमीटर के अंदर सड़क के दोनों तरफ चार्जिंग स्टेशन होने चाहिए।पवन ने सरकार से इसकी मांग भी की है।





वहीं दूसरे टोटो चालक ने बताया कि जब टोटो की बैटरी खत्म हो जाती है तो उसे पार्किंग में चार्ज करना पड़ता है।चार्जिंग के लिए 50 रुपये देने पड़ते हैं।रास्ते में बैटरी खत्म होने पर उसे धक्का देकर ले जाना पड़ता है।दूसरे टोटो चालक ने कहा कि बैटरी खत्म होने पर काफी परेशानी होती है।उन्होंने सरकार से पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग प्वाइंट उपलब्ध कराने की मांग की है।





इस पूरे मामले पर पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि जीटी रोड के किनारे तीन पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग प्वाइंट बनाये गये हैं,लेकिन अभी तक इसे शुरू नहीं किया गया है।अशोक ने कहा कि केंद्र के निर्देश पर पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग प्वाइंट बनाये गये हैं।भविष्य में और पंपों पर इसे बनाने की योजना है,लेकिन इसे शुरू करने के लिए राज्य सरकार को पहल करने की जरूरत है।





अशोक सिंह ने कहा कि चार्जिंग प्वाइंट के लिए सिक्योरिटी मनी जमा करनी होती है।साथ ही एक निश्चित एकमुश्त बिजली बिल भी देना होता है। राज्य सरकार को सिक्योरिटी मनी जमा करने की प्रक्रिया को समाप्त करना होगा। कोई भी चार्जिंग प्वाइंट के लिए सिक्योरिटी मनी जमा नहीं करना चाहता है।बिजली के लिए एक निश्चित राशि देनी होती है उसे भी हटाना होगा। ये दोनों ही चार्जिंग पॉइंट शुरू करने में बाधा बन रहे हैं।





अशोक सिंह ने कहा कि अभी जिले में इतने इलेक्ट्रिक वाहन नहीं हैं कि वे बिजली के लिए एक निश्चित राशि दे सकें। जिले में अभी सीमित वाहन हैं,सरकार को उनके लिए टैरिफ तय करने की जरूरत है। इसके बाद ही चार्जिंग पॉइंट शुरू करने की दिशा में पहल की जा सकेगी।