पूर्वांचल सूर्य संवाददाता, पाकुड़। हेमंत सोरेन सरकार द्वारा जहां बच्चों और छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित है,नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है।बच्चों के भविष्य के लिए नई नई सुविधाएं दी जा रही है वहीं पाकुड़ में एक ऐसा आंगनबाड़ी भवन है जो काफी जर्जर अवस्था में है।





हम बात कर रहे हैं सदर प्रखंड के दादपुर पंचायत के पोखरिया गांव में स्थित मध्य विद्यालय के बगल में आंगनबाड़ी भवन की।इस आंगनबाड़ी केंद्र में 40 नौनिहाल नामांकित है।भवन के छत से सीमेंट का बुरादा और कंक्रीट गिरता रहता है।भवन के दरवाजे,खिड़कियां और दीवारें जर्जर है।दीवारें फटी हुई है और कहीं-कहीं खोखला हो चुकी हैं। इस जर्जर भवन में नौनिहाल कहां तक सुरक्षित है, लेकिन नौनिहाल इसी जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर है।भगवान ऐसा न करे भवन के कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है और इससे इनकार नहीं किया जा सकता।आखिर इसका जिम्मेदार कौन होगा।





इस आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका पंकजनी टुडू ने बताया कि भवन की मरम्मती या नए भवन के लिए लगभग एक वर्ष पूर्व विभाग को पत्राचार किया गया था मगर वर्षों बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी प्रकार की कोई पहल नहीं की गई है।





जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस ने बताया कि बीते दिनों उपायुक्त मनीष कुमार ने जर्जर आंगनबाड़ी भवनों का सूची उपलब्ध कराने को कहा था और उस पर कार्य भी किया जा रहा है। शीघ्र ही पोखरिया गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण कर मरम्मती या नए भवन का प्रस्ताव लिया जाएगा।