मुंबई:

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया है, जिसने महाराष्ट्र समेत पूरे देश के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। राउत ने आशंका व्यक्त की है कि जेल में बंद रहने के दौरान उन्हें धीमा जहर (स्लो पॉइजन) दिया गया हो सकता है। उन्होंने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद से ही उनकी तबीयत लगातार गिर रही है, जिसे लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी गहरी चिंता जताई है।

राहुल गांधी से मुलाकात और 'टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट' की सलाह

संजय राउत ने बताया कि लगभग 10 दिन पहले दिल्ली में उनकी मुलाकात कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से हुई थी।

  • सेहत पर चर्चा: मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई। जब राउत ने बताया कि उनकी शारीरिक समस्याएं जेल में बिताए समय के दौरान ही शुरू हुई थीं, तो राहुल गांधी ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया।
  • विशेष जांच की सलाह: राउत के मुताबिक, राहुल गांधी ने उन्हें शरीर में किसी भी जहरीले या संदिग्ध तत्व की मौजूदगी का पता लगाने के लिए तत्काल 'टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट' (Toxicology Test) कराने का सुझाव दिया है।
  • राउत का फैसला: राहुल गांधी की सलाह के बाद अब वे जल्द ही यह विशेष मेडिकल टेस्ट कराने जा रहे हैं।

'मैं अकेला पीड़ित नहीं'—राउत ने उठाए व्यवस्था पर सवाल

शिवसेना (UBT) सांसद ने जेल प्रशासन और राजनीतिक विरोधियों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा:

  1. खाने में मिलावट की आशंका: जनहित और सामाजिक मुद्दों के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं के साथ जेल में होने वाले व्यवहार पर सवाल उठना चाहिए। इस बात की पूरी संभावना है कि जेल में बंद कुछ लोगों के खाने में जहरीले पदार्थ मिलाए जाते हों।
  2. अन्य नेताओं का हवाला: राउत ने दावा किया कि वे अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जिनकी सेहत जेल से रिहा होने के बाद अचानक खराब हुई है; कई अन्य नेताओं की तबीयत भी रिहाई के बाद बिगड़ी है।
  3. जांच की मांग: उन्होंने मांग की कि राजनीतिक बंदियों की रिहाई के बाद बिगड़ते स्वास्थ्य के मामलों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

हालांकि, संजय राउत द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।