जगदलपुर/नई दिल्ली: वर्ष 2013 में हुए देश के सबसे घातक वामपंथी उग्रवादी हमलों में से एक 'झीरम घाटी नक्सली नरसंहार' मामले में बस्तर (जगदलपुर) स्थित विशेष NIA अदालत ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश अभय सिंह राजपूत की अदालत ने मामले के सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाई है। अदालत ने दोषियों को फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर करने के लिए 30 दिनों का समय दिया है।
अदालत का फैसला और सुनवाई की मुख्य बातें
- 24 धाराओं में दोषी: विशेष अदालत ने आरोपियों को 24 विभिन्न गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत दोषी माना और अपराध की जघन्यता को देखते हुए कड़ी से कड़ी सजा (मृत्युदंड) का आदेश दिया।
- महिलाएं भी शामिल: सजा पाने वाले 10 दोषियों में 2 महिलाएं (प्रमिला मोडियम और सुमिता उर्फ पुनेम मोडियम) भी शामिल हैं। अन्य दोषियों में चैतू लेकाम, मुक्का मांडवी, कोसा कवासी, आयता मरकाम, मदकामी देवा, जोगा मदकामी, बनजामी सन्ना और महादेव नाग शामिल हैं।
- 101 गवाहों की गवाही: मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मामले में गिरफ्तार किए गए 11वें आरोपी की सुनवाई के दौरान ही मृत्यु हो चुकी थी।
25 मई 2013: लोकतंत्र पर हुआ था सबसे बड़ा हमला
यह जघन्य हमला 25 मई 2013 को बस्तर जिले के दरभा क्षेत्र में झीरम घाटी के पास नेशनल हाईवे पर हुआ था। उस समय कांग्रेस पार्टी की ‘परिवर्तन यात्रा’ का काफिला वहां से गुजर रहा था। नक्सलियों ने एक सोचे-समझे षड्यंत्र के तहत बारूदी सुरंग विस्फोट (आईईडी) और सड़कों को ब्लॉक करके काफिले को घेरा तथा दो घंटे तक अंधाधुंध गोलीबारी की।
इस भीषण हमले में 29 लोगों की जान चली गई थी और 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। मृतकों में राज्य के तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश, बस्तर टाइगर के नाम से मशहूर महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्या चरण शुक्ला और पूर्व विधायक उदय मुडलियार जैसे दिग्गज नेता शामिल थे।
NIA जांच का घटनाक्रम
घटना के दो दिन बाद ही जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई थी। NIA ने सितंबर 2014 और सितंबर 2015 में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किए थे। लगभग 13 साल चले लंबे कानूनी घटनाक्रम और सुनवाई के बाद आखिरकार अदालत ने सभी जीवित 10 आरोपियों को उनके संगीन अपराध के लिए फांसी की सजा सुनाकर पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिया है।





