लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही कथित 'फेक एनकाउंटरों' और 'गाड़ी पलटने' की सभी घटनाओं की रिमोट सेंसिंग तकनीक के जरिए निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "हमारी सरकार बनने पर हम आधुनिक रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग कर यह पता लगाएंगे कि रास्ते में गाड़ी कैसे पलटी और इस दौरान कहां-कहां क्या बदलाव किए गए। सभी फर्जी एनकाउंटरों की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए बजट में जितनी भी धनराशि की आवश्यकता होगी, सरकार उसकी व्यवस्था करेगी।"
कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
सपा प्रमुख ने तकनीक के सकारात्मक इस्तेमाल पर बल देते हुए कहा कि उनकी सरकार में आधुनिक एप्लिकेशनों और उन्नत तकनीकों का सबसे बड़ा उपयोग खेती-किसानी, बेहतर इलाज और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में किया जाएगा।
मिशन-2027: हर विधानसभा में 27 हजार वोट जोड़ने का लक्ष्य
विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों का खाका खींचते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मिशन-2027' के तहत समाजवादी पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 27 हजार नए वोट बढ़ाने का काम करेगी, जिसका सीधा अर्थ भाजपा के वोट बैंक में उतनी ही कटौती करना है।
बाबा साहेब की प्रतिमाओं का अनादर और कानून व्यवस्था पर सवाल
भाजपा सरकार पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए अखिलेश ने कहा कि प्रदेश के 72 जिलों में 151 से अधिक स्थानों पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को क्षति पहुंचाई गई, जिसमें सर्वाधिक घटनाएं बलिया में हुईं। लेकिन सरकार की ढिलाई का आलम यह है कि केवल 14 मामलों में ही गिरफ्तारियां हो सकी हैं।
बुनियादी ढांचे और विकास में भ्रष्टाचार का आरोप
अखिलेश यादव ने सरकार की विकास नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए निम्नलिखित बिंदु उठाए:
- एक्सप्रेसवे और सड़कें: एक्सप्रेसवे निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ और अधिकारियों-नेताओं की जेबें भरी गईं। सड़कों में गड्ढों के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
- पेपर लीक और आरक्षण: उत्तर प्रदेश पेपर लीक मामलों में देश में शीर्ष पर पहुंच गया है। नौकरियां आई भी तो आरक्षण का हक मारा गया।
- निवेश और किसान: तमाम दावों और सम्मेलनों के बावजूद धरातल पर कोई निवेश नहीं आया। किसानों को उनकी भूमि का सर्किल रेट बढ़ाकर नहीं दिया गया।
- अयोध्या-वाराणसी सड़क व जमीन घोटाला: अयोध्या में जमीन खरीद-बिक्री में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ और बाद में चंदा चोरी का प्रकरण सामने आया। अयोध्या से वाराणसी के बीच सड़क निर्माण में भी भारी अनियमितताएं बरती गईं।
- इथेनॉल और मिलावट: इथेनॉल की आड़ में बड़े पैमाने पर मिलावटखोरी को बढ़ावा दिया गया।
राजनीतिक व्यवस्था और मंत्रियों की लाचारी पर तंज
प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चुटकी लेते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि स्थिति इतनी विकट है कि खुद सत्ताधारी पार्टी के मंत्रियों को न्याय और इलाज के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने ऐलान किया कि सपा सरकार बनने पर गोंडा प्रकरण में दर्ज सभी राजनीतिक मुकदमे वापस लिए जाएंगे। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव करीब आते-आते पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के अधिकारियों को साइडलाइन या महत्वहीन कर दिया जाएगा।
बैंक लोन, सोशल मीडिया और राष्ट्रीय मुद्दे
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने विविध मुद्दों पर अपनी राय रखी:
- राजभर की पोस्ट पर तंज: ओमप्रकाश राजभर की सोशल मीडिया पर कम सक्रियता के सवाल पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि "शायद पासवर्ड छिन गया होगा, इसलिए बार्गेनिंग चल रही होगी।"
- महिलाओं को सहायता: भाजपा सरकार द्वारा महिलाओं को एक लाख रुपये देने की योजना पर उन्होंने कहा, "जिन बैंकों से व्यवस्था करके यह सरकार एक लाख रुपये देगी, उन्हीं बैंकों के माध्यम से हमारी सरकार महिलाओं को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराएगी।"
- प्रधानमंत्री की माता जी पर टिप्पणी: राहुल गांधी के कार्यक्रम में हुई टिप्पणी के सवाल पर अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि "यह भी देखा जाना चाहिए कि 'एक रंग वाले' किस तरह एक मां को भाषण न देने की बात कह रहे थे।"
- डीयू छात्रसंघ चुनाव: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में सपा समर्थित उम्मीदवार की हार पर उन्होंने कहा कि यदि वहां धांधली और गड़बड़ी न की गई होती, तो समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार ही जीत हासिल करता।





