नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर में अनधिकृत निर्माणों, खतरनाक इमारतों और मास्टर प्लान ऑफ दिल्ली (MPD) तथा भवन उप-नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अपनी प्रवर्तन कार्रवाई को बेहद तेज कर दिया है। निगम प्रशासन ने दिल्ली के सभी 12 जोनों में एक व्यापक अभियान चलाते हुए शुक्रवार को 25 अवैध संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण (Demolition) की बड़ी कार्रवाई की। इसके अतिरिक्त नियमों का उल्लंघन करने वाली 4 संपत्तियों को सील कर दिया गया, 6 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और 4 नए ध्वस्तीकरण आदेश पारित किए गए।
लगातार दूसरे दिन चला बुलडोजर
MCD की यह सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इससे ठीक एक दिन पहले भी निगम ने ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए 41 संपत्तियों को ध्वस्त किया था और नियमों के गंभीर उल्लंघन के चलते 61 अन्य संपत्तियों को पूरी तरह सील कर दिया था।
किन प्रमुख इलाकों में हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई?
शुक्रवार को चलाए गए गहन अभियान के दौरान दिल्ली के विभिन्न प्रमुख और रिहायशी क्षेत्रों में अवैध निर्माणों को गिराया गया:
- दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम जोन: सत्य निकेतन और वसंत कुंज।
- उत्तर एवं उत्तर-पूर्वी जोन: बुराड़ी, शालीमार बाग (केशवपुरम जोन), आदर्श नगर के राजन बाबू रोड और नेहरू विहार स्थित चंदू नगर।
- मध्य एवं पुरानी दिल्ली जोन: कृष्णा पार्क और दरियागंज स्थित दिल्ली गेट बाजार।
- दरियागंज में पुलिस सहयोग से कार्रवाई: दरियागंज में एक संपत्ति की पांचवीं मंजिल की छत पर अवैध रूप से बनाए गए दो बड़े पैनलों को ध्वस्त कर काट दिया गया। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल का पूरा सहयोग लिया गया।
MCD अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली के मास्टर प्लान और भवन मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराने और अनधिकृत व जर्जर ढांचों से जनसुरक्षा को होने वाले खतरे को रोकने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
दिल्लीभर में PG भवनों का फील्ड सर्वे: 33,500 पेइंग गेस्ट चिह्नित
नियमावली और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के लिए MCD ने पूरी दिल्ली में पेइंग गेस्ट (PG) आवासीय भवनों का एक व्यापक फील्ड सर्वे भी शुरू किया है:
- 1,523 PG भवनों की पहचान: सर्वे के प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक दिल्लीभर में 1,523 ऐसे भवनों की पहचान की जा चुकी है जहां अनधिकृत या कमर्शियल स्तर पर पीजी सुविधाएं चलाई जा रही हैं।
- 33,500 से अधिक निवासी: इन पहचान किए गए भवनों में वर्तमान में लगभग 33,500 छात्र और कामकाजी लोग रह रहे हैं।
- आगामी कानूनी कार्रवाई: MCD द्वारा सर्वे में जुटाए गए सभी विवरणों को समेकित किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद दिल्ली भवन उप-नियमों और अग्नि सुरक्षा मानकों के तहत इन पीजी संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





