विशेष संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार द्वारा महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों के लिए शुरू की गई 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' योजना को राजधानी में व्यापक सफलता मिल रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी है कि डीटीसी (DTC) और क्लस्टर बसों में मुफ्त और सुगम यात्रा के लिए अब तक 18.75 लाख से अधिक 'सहेली स्मार्ट कार्ड' जारी किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक विशेष वीडियो साझा करते हुए इस योजना की प्रगति को 'नारी शक्ति' के सशक्तिकरण का प्रतीक बताया।

"सफर हुआ आसान, सपनों को मिली नई उड़ान" — मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि यह कार्ड कॉलेज जाने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के सपनों को नई ऊँचाइयाँ दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने लिखा:

"कॉलेज जाना हो, करियर बनाना हो या दिल्ली में कहीं भी अपने सपने को पूरा करना हो—बस पकड़िए, अपना 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' टैप कीजिए और निकल पड़िए। यह प्रक्रिया अत्यंत आसान, सुविधाजनक और मुफ्त है। 18.75 लाख से ज़्यादा कार्ड जारी होना इस बात का प्रमाण है कि हर सफर दिल्ली को और करीब से जानने तथा महिलाओं के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोल रहा है।"

क्या है 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' और क्यों है अनिवार्य?

दिल्ली सरकार की यह पहल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को डिजिटल, आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है:

  • पारदर्शी डिजिटल यात्रा: इस कार्ड के माध्यम से डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं व ट्रांसजेंडर यात्रियों की यात्रा का डिजिटल डेटा दर्ज होगा।
  • अनिवार्यता की समय-सीमा: पहले इस स्मार्ट कार्ड को मुफ्त सफर के लिए 18 सितंबर से अनिवार्य किया जाना था, लेकिन नागरिक हित को ध्यान में रखते हुए इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई है। इसके बाद मुफ्त यात्रा के लिए बस में चढ़ते ही कार्ड टैप करना अनिवार्य होगा।
  • मल्टी-पर्पज उपयोग: इस कार्ड की एक विशेष सुविधा यह भी है कि यदि कोई यात्री इसे रिचार्ज कराना चाहे, तो रिचार्ज के बाद इसका उपयोग सामान्य डिजिटल या खुदरा (रिटेल) भुगतान के लिए भी किया जा सकता है।

किसे और कैसे मिलेगा यह कार्ड?

यह कार्ड मुख्य रूप से दिल्ली की स्थायी निवासी महिलाओं, 12 वर्ष या उससे अधिक आयु की बालिकाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों के लिए उपलब्ध है।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़:

  1. दिल्ली का स्थायी पते का प्रमाण (जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी)
  2. पासपोर्ट साइज फोटो
  3. आधार से लिंक चालू मोबाइल नंबर

दिल्ली सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल सार्वजनिक परिवहन में पारदर्शिता आएगी, बल्कि महिलाओं की आवाजाही और अधिक सुरक्षित एवं सुलभ बनेगी।