मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी दुबई यात्रा के दौरान मीडिया से संवाद करते हुए राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित न रहकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, ड्रोन, डिफेंस और साइंस सिटी जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर के मुख्य बिंदु

  • नया IT इंफ्रास्ट्रक्चर: रीवा, इंदौर और उज्जैन में तीन नए IT पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जबकि नई पीढ़ी के कौशल विकास के लिए 'साइंस सिटी' बनाई जा रही है।
  • मजबूत कनेक्टिविटी: भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के साथ-साथ राज्य में चार नए एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। जबलपुर और ग्वालियर को भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार किया जा रहा है।
  • संसाधनों की प्रचुरता: प्रदेश में सरप्लस बिजली, ग्रीन एनर्जी, विशाल लैंड बैंक और पर्याप्त जल संसाधन मौजूद हैं, जिससे उद्योगों का संचालन आसान हो गया है।
  • निर्यात में उछाल: व्यापार अनुकूल नीतियों के चलते वर्ष 2026-27 में मध्यप्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड निर्यात दर्ज किया गया।

पर्यटन में क्रांति और जिला स्तर पर विकास

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 'रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव' के माध्यम से औद्योगिक विकास को अब जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व उछाल आया है, जिससे राज्य में इस वर्ष लगभग 14 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ।

उन्होंने दोहराया कि सरकार का मूल मंत्र शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाना और राज्य की हर स्थानीय क्षमता को निवेश व रोजगार के नए अवसरों में बदलना है।