मध्यप्रदेश के देवास जिले में सोयाबीन की फसल पर बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। विकासखंड खातेगांव के विभिन्न गांवों (सुकरास, ओलम्बा, भवरास, सुकरदी, मनोरा, आमला और विक्रमपुर) में कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने खेतों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सोयाबीन की फसल में पीला मोजेक रोग के लक्षण पाए गए हैं।

उप संचालक कृषि ज्ञानसिंह मोहनिया ने बताया कि यह रोग मुख्य रूप से सफेद मक्खी (Whitefly) के माध्यम से फैलता है। विभाग ने किसानों को खेतों की नियमित निगरानी करने और समय रहते नियंत्रण उपाय अपनाने की अपील की है।

रोग नियंत्रण हेतु अनुशंसित उपाय

कृषि विभाग ने सफेद मक्खी और पीला मोजेक के प्रसार को रोकने के लिए निम्नलिखित कीटनाशकों के छिड़काव की सलाह दी है:

कीटनाशक दवानिर्धारित मात्रा (प्रति हेक्टेयर)
थायोमेथाक्जाम 25% WG125 ग्राम
इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL125 मिलीलीटर

खेतों में पहुंचे वैज्ञानिक और अधिकारी

निरीक्षण दल में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. महेंद्र सिंह व डॉ. अरविंदर कौर, सहायक संचालक कृषि लोकेश गंगराडे, एन.एस. गुर्जर, तथा कृषि विस्तार अधिकारी दिलीप मीणा एवं दिनेश पंवार समेत मैदानी अमला मौजूद रहा।

कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि फसल में रोग के लक्षण दिखते ही तुरंत स्थानीय कृषि अधिकारियों से संपर्क करें ताकि समय पर उचित रोकथाम कर फसल नुकसान से बचाया जा सके।