कोलकाता/नंदीग्राम: पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले की हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है। नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की अचानक हुई गिरफ्तारी के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के बागी धड़े के नेता ऋतब्रत बनर्जी के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है।

गठबंधन, नामांकन वापसी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

शुक्रवार का दिन पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए बेहद नाटकीय मोड़ लेकर आया:

  • TMC का नया नाम और सिंबल: चुनाव आयोग (ECI) द्वारा 'अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस' नाम व 'फूल और घास' चिन्ह निरस्त करने के बाद दोनों गुटों को नए चिन्ह दिए गए। ममता बनर्जी के गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' (प्रतीक: फुटबॉल खिलाड़ी) और ऋतब्रत के विद्रोही धड़े को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' (प्रतीक: लिफाफा) नाम मिला।
  • संचिता डे का नामांकन वापस: नए प्रतीक आवंटन के तुरंत बाद, ममता खेमे की प्रत्याशी संचिता डे प्रधान ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
  • कांग्रेस को ममता का समर्थन: नामांकन वापसी के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को खुला समर्थन देने का ऐलान किया।
  • घंटों बाद गिरफ्तारी: ममता बनर्जी के समर्थन की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद शुक्रवार शाम पुलिस ने मिलन प्रधान को एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया।

राहुल गांधी का हमला: "यह लोकतंत्र की हत्या है"

कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार और बीजेपी पर सीधा हमला बोला:

"भाजपा को निष्पक्ष चुनावों पर भरोसा नहीं है, इसीलिए वह कभी वोटों की चोरी करके, कभी सरकारें चुराकर, तो कभी पार्टियां तोड़कर सत्ता पर काबिज रहना चाहती है। वे चुनाव लड़ना नहीं चाहते, बल्कि चुनावी लड़ाई को ही खत्म करना चाहते हैं। यह राजनीतिक प्रतिशोध और लोकतंत्र की हत्या है। कांग्रेस न तो डरेगी और न ही झुकेगी, हम लड़ेंगे और जीतेंगे।"

ऋतब्रत बनर्जी का पलटवार: "3 हत्या के मामले हैं दर्ज"

राहुल गांधी के बयान के महज एक घंटे बाद 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई उनकी शिकायत पर हुई है:

"हमने (डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस) मिलन प्रधान के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिनके खिलाफ हत्या के तीन गंभीर मामले लंबित हैं। चुनाव के दौरान अदालती वारंट को निष्पादित करना पुलिस के लिए अनिवार्य होता है। ऐसा लगता है कि राज्य कांग्रेस नेतृत्व ने राहुल गांधी को पूरी और सही जानकारी नहीं दी है।"

नंदीग्राम में उम्मीदवारों के बदलते समीकरणों और प्रत्याशी की गिरफ्तारी के बाद अब पूरा उपचुनाव कानूनी और राजनीतिक दांव-पेचों के केंद्र में आ गया है।