प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष दर्जनों ग्रामीणों ने लगाई न्याय की गुहार,फर्जीवाडा़ पर करवाई कि की मांग





बेहतर व पारदर्शी व्यवस्था बनाना लक्ष्य,फर्जी अनापत्ति से जुड़े मामलों पर उपायुक्त से लेंगे जानकारी:आयुक्त





पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,चतरा।टंडवा अंचल और प्रखंड कार्यालय के निरीक्षण के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय आयुक्त पवन कुमार पहुंचे।जहां अपनी व्यथा सुनाने सैंकड़ों फरियादियों की भीड़ उमड़ पड़ी।आयुक्त पवन कुमार लगभग दो घंटे से अधिक समय तक अंचल कार्यालय में बैठकर फाइलों को खंगाला।राजस्व विभाग से जुड़े दर्जनों भुक्तभोगियों ने उन्हें लिखित शिकायत सौंपकर विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की।





पत्रकारों से रुबरु होकर आयुक्त पवन कुमार ने बताया कि निरीक्षण में सुधार योग्य सभी मामले सामने आये हैं,जिसपर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। आयुक्त ने कहा कि निरीक्षण का मूल उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था बनाना है।वहीं आम्रपाली परियोजना में रेलवे लाइन निर्माण को लेकर गतिरोध और अनापत्ति के लिए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगाने का आरोप पत्र ग्रामीणों ने सौंपा।





आपको बता दें कि लगभग पिछले डेढ़ साल से इस मामले में जारी गतिरोध थम नहीं रहा है।ग्रामीण एक स्वर में फर्जीवाड़ा करने वाले संबंधित अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।जबकि मगध कोल परियोजना से एनटीपीसी पावर प्लांट तक कोयले की आपूर्ति के लिए वर्ष 2019 में अनापत्ति को लेकर हुई गुपचुप ग्रामसभा पर मुखिया सीता देवी ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बैठक की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।दिलचस्प तो ये है कि कन्वेयर कॉरीडोर निर्माण के लिए अनापत्ति जिला प्रशासन द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है।





ग्रामीणों ने बैठक की प्रति उपलब्ध कराते हुए कुछ निरक्षरों के हस्ताक्षर और मृत व्यक्तियों की मौजूदगी होने का दावा किया। इस मामले में सवाल पूछे जाने पर आयुक्त पवन कुमार ने कहा कि वे उपायुक्त से विस्तृत जानकारी लेंगे। वहीं पोकला के ग्रामीणों ने टंडवा अंचल अधिकारी के मिलीभगत से दबंगों द्वारा सार्वजनिक भूमि की बंदोबस्ती करा लेने के सनसनीखेज आरोप लगाये। जबकि पिछले दिनों आम्रपाली परियोजना में हुई जनसुनवाई के विरुद्ध आवेदन सौंपकर दावा किया गया कि कोल परियोजना के विस्तार के लिए ग्रामीणों द्वारा घोर आपत्ति जताई गई थी।इसके बावजूद ग्रामीणों का फर्जी हस्ताक्षर कर अनापत्ति लेने का प्रयास किया जा रहा है।





टंडवा के भुनेश्वर गुप्ता द्वारा एनटीपीसी प्रबंधन पर आरोप लगाया गया कि बगैर मुआवजा दिये उनका घर तोड़ दिया गया है।गलत प्रतिवेदन के आधार पर प्रबंधन अब पांच में से सिर्फ एक हिस्सेदार को हीं मुआवजा भुगतान करने पर अड़ा है। वहीं सिसई निवासी अजय पांडेय ने अंचल प्रशासन पर प्रमंडलीय आयुक्त, उपायुक्त समेत अन्य वरीय अधिकारियों के आदेशों को दरकिनार कर आदेश पारित करने के आरोप लगाये।आयुक्त पवन कुमार ने मौजूद अधिकारियों को तमाम प्राप्त शिकायतों पर शीघ्र विधिसम्मत निष्पादन करने के निर्देश दिये।





इस मौके पर उप विकास आयुक्त अमरेन्द्र कुमार, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार अनुमंडल पदाधिकारी (भाप्रसे ) सनी राज, बीडीओ देवलाल उरांव,अंचल अधिकारी विजय दास समेत कर्मी और ग्रामीण मौजूद थे।