कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ने आगामी दुर्गापूजा के पावन अवसर पर राज्य के बेरोजगार युवाओं और उत्तर बंगाल के बंद पड़े चाय बागानों के संकटग्रस्त श्रमिकों के लिए कई ऐतिहासिक और राहतकारी फैसलों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार शाम राज्य सचिवालय 'नवान्न' में आयोजित कैबिनेट (मंत्रिमंडल) की विशेष बैठक में 45 हजार से अधिक नई सरकारी नियुक्तियों को मंजूरी दी गई, साथ ही चाय बागान श्रमिकों के लिए विशेष सहायता पैकेज का ऐलान किया गया।
1. 45 हजार से अधिक पदों पर होगी सीधी भर्ती
राज्य मंत्रिमंडल ने कुल 45,185 पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के युवाओं के लिए एक मील का पत्थर बताया:
- स्कूल शिक्षा विभाग: स्वीकृत पदों में से सबसे अधिक 33,192 पद स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित हैं।
- अन्य विभाग: इसके अतिरिक्त तकनीकी शिक्षा, पश्चिम बंगाल पुलिस और अन्य प्रशासनिक विभागों में भी बड़े पैमाने पर नियुक्तियाँ की जाएँगी।
- मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इन सभी पदों के लिए आवेदन एवं चयन प्रक्रिया बिना किसी विलंब के शीघ्र शुरू की जाएगी।
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2. बंद चाय बागान के श्रमिकों के लिए 'पूजा बोनस' व अतिरिक्त राशन
उत्तर बंगाल में जनवरी 2023 से बंद पड़े 21 चाय बागानों के 19,524 पात्र श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सरकार ने मानवीय आधार पर राहत पैकेज घोषित किया है:
- ₹5,000 की नकद सहायता: बंद चाय बागानों में कार्यरत 60 वर्ष से कम उम्र के सभी पात्र बेरोजगार श्रमिकों के बैंक खातों में श्रम विभाग द्वारा पूजा बोनस के रूप में 5-5 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी।
- 50 किलो अतिरिक्त चावल: दुर्गापूजा से लेकर छठपूजा तक के त्योहार के मौसम में प्रत्येक पात्र श्रमिक परिवार को 50 किलो अतिरिक्त मुफ़्त चावल दिया जाएगा। यह चावल उन्हें नियमित रूप से मिलने वाले 35 किलो मासिक राशन के अतिरिक्त होगा (यानी कुल 85 किलो चावल मिलेगा)।
"मानवीय आधार पर लिया गया निर्णय"
संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चूँकि चाय बागान लंबे समय से बंद हैं और श्रमिकों को नियमित वेतन नहीं मिल पा रहा है, इसलिए प्रबंधकों से बोनस की उम्मीद नहीं थी। ऐसे में राज्य सरकार ने नैतिक व मानवीय दायित्व निभाते हुए खुद अपने कोष से यह पूजा बोनस और खाद्य सामग्री देने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इन बंद पड़े 21 चाय बागानों को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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