कोलकाता/नई दिल्ली। देश की नारी शक्ति को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने और उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने की दिशा में गुरुवार, 17 सितंबर को एक ऐतिहासिक पड़ाव दर्ज किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की माताओं और बहनों को संबोधित करते हुए 'अन्नपूर्णा योजना' की चौथी किस्त जारी की। इस कदम के साथ ही राज्य की लगभग 1.5 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में बिना किसी बिचौलिए या 'कट मनी' के सीधे ₹3,000 की मासिक आर्थिक सहायता राशि ट्रांसफर कर दी गई।

पारदर्शी शासन और आर्थिक आजादी का नया युग योजना के क्रियान्वयन पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का एकमात्र ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र महिला इस लाभ से वंचित न रहे।

  • सीधा बैंक ट्रांसफर (DBT): आर्थिक मदद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जा रही है, जिससे तंत्र में पारदर्शिता आई है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हुई है।
  • स्थायी आर्थिक सुरक्षा: बंगाल की महिलाओं को हर महीने एक निश्चित राशि मिलने से उन्हें दैनिक और छोटे-बड़े खर्चों के लिए किसी अन्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
  • त्वरित क्रियान्वयन: 19 मई, 2026 को घोषित और 1 जून, 2026 से औपचारिक रूप से शुरू हुई इस योजना की अब तक चार किस्तें सफलतापूर्वक जारी की जा चुकी हैं।

महिलाओं का बढ़ता आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने माताओं-बहनों के पारिवारिक और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि परिवार में जिम्मेदारियां निभाने वाली महिलाओं के सिर से जब जरूरी खर्चों का तनाव कम होता है, तो उनका आत्मविश्वास अपने आप कई गुना बढ़ जाता है। हमारा स्पष्ट विजन है कि बंगाल की महिलाओं के पास स्वतंत्र रूप से फैसले लेने की ताकत और जीवन में निर्भीक होकर आगे बढ़ने का साहस हो।

1.5 करोड़ लाभार्थियों को इस नई सौगात पर शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना बंगाल की महिलाओं के सर्वांगीण सशक्तिकरण और स्वाभिमान की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी।