पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,पाकुड़।रविन्द्र भवन टाउन हॉल में बिरसा हरित ग्राम योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 में किये जाने वाले वृक्षारोपण के लिए संबंधित कार्यशाला का आयोजन बुधवार को किया गया।इसकी अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने किया।कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त,उप विकास आयुक्त,जिला पंचायत राज पदाधिकारी,डीपीएम जेएसएलपीएस और परियोजना पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना का क्रियान्वयन पूरे राज्य में वृहद पैमाने पर किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में किए जाने वाले बिरसा हरित ग्राम योजना अन्तर्गत वृक्षारोपण संबंधी 1500 एकड़ में किया जाना है,जिसे 25.03.2025 तक स्थल चिन्हित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही योजनाओं की स्वीकृति करने के साथ प्रथम वर्ष का कार्य यथा गड्ढा खुदाई, नाडेप पिट निर्माण, जानवर रोधक खाई का निर्माण, निविदा प्रक्रिया आदि पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा महत्त्वाकांक्षी योजना बिरसा हरित ग्राम योजना चलाई जा रही है।मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से आम बागवानी, अमरूद बागवानी, छायादार वृक्षारोपण, मिश्रित फलदार पौधों की बागवानी को प्रोत्साहित करना है।
मिश्रित बागवानी द्वारा आमजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिश्रित बागवानी के तहत किसानों को आम,नीबू,अमरूद और इमारती पौधा लगवाने के लिये प्रेरित करने का उपायुक्त मनीष कुमार ने निर्देश दिया। कार्यशाला में बागवानी के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी साझा किया गया।
इस दौरान मनरेगा अंतर्गत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत किए जा रहे बगवानी में फलदार पौधा आम के पौधों के रोपण से पूर्व एवं पौधे के संरक्षण करते हुए फल उपज तक किए जाने वाले कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रोजेक्टर के माध्यम से अलग अलग प्रारूप के तहत पौधों के बीच की दूरी, गड्डा खुदाई, गड्डा भराई, कीटनाशक दवाई, समय पर खाद छिड़काव और पौधों के संरक्षण के लिए किए जाने वाले कार्यों, पौधारोपण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी और फलदार पौधों के समय पर फल उपज और उसके विकास के लिए किए जाने वाले कार्यों को बताया गया और सभी ग्राम रोजगार सेवक,पंचायत सचिव, सीएफपी टीम बीएफटी, जेटीडीएस टीम एवं जीविदा हासा टीम को सख्त निर्देश दिया गया कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए मेहनत और लगनशील बनें।





