पटना/प्रखंड कार्यालय

बिहार में किसानों को यूरिया और डीएपी जैसी रासायनिक खाद खरीदने के लिए अब लंबी कतारों और अव्यवस्था से मुक्ति मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने उर्वरक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए एक नई डिजिटल प्रणाली की शुरुआत की है। इस व्यवस्था के तहत अब रसोई गैस सिलेंडर की तर्ज पर किसानों को खाद की अग्रिम (एडवांस) ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी।

इस फैसले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब खाद प्राप्त करने के लिए किसानों को पूर्व से कृषि विभाग में औपचारिक किसान निबंधन कराना अनिवार्य नहीं होगा। केवल आधार कार्ड के माध्यम से भी उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग आसानी से की जा सकेगी। सरकार के इस कदम से विशेष रूप से बटाईदार किसानों को बड़ा संबल मिलेगा, जिन्हें पहले औपचारिक निबंधन न होने के कारण खाद की किल्लत और प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

बटाईदार किसानों को राहत और आवेदन की प्रक्रिया

नई व्यवस्था के तहत बटाईदार किसान ऑनलाइन आवेदन करते समय उस भूखंड का खाता नंबर दर्ज करेंगे, जिस पर वे खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें बुआई वाले कुल रकबे की जानकारी पोर्टल पर भरनी होगी।

प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार झा ने बताया कि किसान अपने मोबाइल से स्वयं ही बुकिंग कर सकते हैं। यदि किसी किसान को तकनीकी समस्या आती है, तो वे किसान सलाहकार या कृषि समन्वयक की मदद से भी आसानी से बुकिंग करा सकते हैं।

जितना रकबा, उतना ही मिलेगा खाद का आवंटन

खाद आवंटन की वैज्ञानिक पद्धति की जानकारी देते हुए लेखपाल अमित कुमार ने बताया कि:

  • किसान आईडी से लॉगिन: किसान आईडी से लॉगिन करने पर संबंधित भूमि का पूरा ब्योरा स्क्रीन पर स्वतः प्रदर्शित हो जाएगा।
  • आधार से लॉगिन: आधार कार्ड से आवेदन करने पर किसान को स्वयं खेती वाले रकबे का विवरण दर्ज करना होगा।
  • अनुशंसित मात्रा: फसल के चयन के आधार पर प्रणाली में खाद की अनुशंसित मात्रा खुद प्रदर्शित होगी, जिसे किसान अपनी आवश्यकता अनुसार घटा या बढ़ा सकते हैं।
  • विक्रेता का चयन: प्रक्रिया के अगले चरण में पंजीकृत खाद विक्रेताओं की सूची स्क्रीन पर आ जाएगी, जहां से किसान अपनी पसंदीदा और नजदीकी दुकान का चयन कर सकेंगे।

क्यूआर कोड और पीओएस मशीन से होगी पारदर्शी आपूर्ति

कृषि विभाग के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया पूरी होते ही किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक विशेष क्यूआर कोड जारी कर दिया जाएगा।

किसान अपनी चुनी हुई दुकान पर पहुंचकर यह क्यूआर कोड दिखाएंगे और पीओएस (PoS) मशीन के जरिए तय सरकारी दर पर भुगतान कर खाद प्राप्त कर सकेंगे। जो किसान स्वयं ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं, वे सीधे खाद विक्रेता की दुकान पर जाकर भी मौके पर ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।

उर्वरक विक्रेताओं को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

वितरण प्रणाली को सुचारू बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार झा ने बताया कि प्रखंड के सभी उर्वरक विक्रेताओं को ऑनलाइन पोर्टल के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

दुकानदारों से डेमो आवेदन कराकर प्रणाली की हर बारीकी समझाई गई है, ताकि वे दुकानों पर आने वाले किसानों की तकनीकी मदद कर सकें। इसके अलावा, सभी कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे जमीनी स्तर पर पूरी प्रक्रिया के दौरान किसानों का मार्गदर्शन करें।