बिहार में कुदरत का दोहरा प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ उफान पर बहती नदियां तबाही मचा रही हैं, तो दूसरी तरफ सक्रिय मॉनसून ने राज्य की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, राज्य के 13 प्रमुख जिलों के लगभग 79 प्रखंडों में 34 लाख से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में है। नदी तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।

भागलपुर में गंगा का ऐतिहासिक जलस्तर, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी ने अपना पुराना रिकॉर्ड (36.75 मीटर) तोड़ते हुए 36.80 मीटर का स्तर छू लिया है। इसके अलावा दीघा, गांधीघाट, हाथीदह और मुंगेर में भी गंगा लाल निशान के ऊपर बह रही है।

गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां भी कई स्थानों पर उफान पर हैं। बराजों से डिस्चार्ज की स्थिति:

  • वीरपुर बराज (कोसी): 1,69,985 क्यूसेक
  • इंद्रपुरी बराज (सोन): 1,04,758 क्यूसेक
  • वाल्मीकिनगर बराज (गंडक): 1,04,400 क्यूसेक

हालांकि, कोसी और सोन नदियों के जलस्राव में हल्की गिरावट दर्ज की गई है।

मौसम विभाग का अलर्ट: अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य में अगले 48 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश की आशंका जताई है, जिससे जलभराव और बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।

  • 9 सितंबर (ऑरेंज अलर्ट): खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी। (सुपौल, अररिया, पटना समेत अन्य जिलों में येलो अलर्ट)।
  • 10 सितंबर (ऑरेंज अलर्ट): बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में भयंकर बारिश की संभावना। (सारण, गयाजी, नालंदा आदि में येलो अलर्ट)।

प्रशासनिक सतर्कता और राहत-बचाव कार्य

पटना, भागलपुर, वैशाली, कटिहार और बेगूसराय समेत हाई अलर्ट वाले 13 जिलों में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आपदा से निपटने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। प्रभावितों तक राहत सामग्री पहुँचाने का काम लगातार जारी है।