लखनऊ।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में पार्टी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों (MLC) के साथ अहम बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर हमला बोला। अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर समाज को बांटने, मदरसों के साथ भेदभाव करने और चुनाव आयोग की मिलीभगत से वोट चोरी करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2024 में भाजपा को पटखनी देने के बाद अब 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा उसका पूरी तरह सफाया कर देगी।

इसे भी पढ़ेंः ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, पुलिस से धक्का-मुक्की और पुतला दहन

प्रेस वार्ता के मुख्य बिंदु:

  • मदरसों से भेदभाव और सामाजिक बंटवारा: सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार के पास जनहित का कोई काम नहीं है। यह सरकार केवल लोगों को बांटने, तोड़ने और मदरसों के साथ भेदभाव करने का काम कर रही है। भाजपा ने युवाओं को आधी-अधूरी नौकरियां और आधी-अधूरी शिक्षा दी है।
  • शिक्षकों व शिक्षामित्रों के लिए बड़े वादे: अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर:
    1. शिक्षामित्रों की स्थिति में सुधार कर उन्हें पूर्ण शिक्षक का सम्मान दिया जाएगा।
    2. पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जाएगा।
    3. तदर्थ (Ad-hoc) शिक्षकों को पुनः बहाल किया जाएगा और वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय दिया जाएगा।
  • चुनाव आयोग और वोट चोरी पर गंभीर आरोप: अखिलेश ने दावा किया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा समर्थकों के वोट बड़ी संख्या में काटे गए थे, जिससे पार्टी सरकार बनाने से चूक गई। उन्होंने आरोप लगाया कि लखनऊ में एक ही व्यक्ति ने फॉर्म-7 भरकर 100 से अधिक लोगों के वोट कटवाए। यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव आयोग का बचाव कर रहे हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि वे भी इस घोटाले में शामिल हैं।
  • अदालत से हस्तक्षेप की मांग: वोटों की कथित धांधली का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को इस पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और पश्चिम बंगाल व बिहार जैसे राज्यों में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए।

इसे भी पढ़ेंः उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से हटाने के दौरान पथराव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

MLC और राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति

अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों से उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को होने जा रहे मतदान में सपा के सभी 11 उम्मीदवारों को जिताने की अपील की।

इसके साथ ही उन्होंने आगामी राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी द्वारा तीन उम्मीदवार उतारने के स्पष्ट संकेत दिए। उन्होंने कहा कि संख्या बल के हिसाब से दो उम्मीदवार आसानी से जीतेंगे, जबकि तीसरे उम्मीदवार के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाया जाएगा।