भारत के ऊर्जा और घरेलू ईंधन क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Oil Ministry) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त के बीच देश में एक्टिव घरेलू एलपीजी (LPG) ग्राहकों की संख्या में 62 लाख (6.2 मिलियन) की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
जहां अप्रैल की शुरुआत में देश में एक्टिव एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 33.39 करोड़ थी, वहीं सितंबर की शुरुआत तक यह घटकर 32.77 करोड़ पर आ गई है। बीते कई वर्षों में यह पहला मौका है जब देश में एलपीजी कनेक्शनों का दायरा बढ़ने के बजाय कम हुआ है।
आंकड़ों की नजर से: एलपीजी ग्राहकों का क्षेत्रीय गणित
मांग और आपूर्ति के इस नए समीकरण में दक्षिण भारत में सबसे अधिक ग्राहकों की कमी देखी गई है:
| क्षेत्रसितंबर 2026 में कुल एलपीजी ग्राहकग्राहकों में दर्ज गिरावट (अप्रैल-अगस्त) | ||
| उत्तर भारत | 9.93 करोड़ (सर्वाधिक) | ~ 15 लाख |
| दक्षिण भारत | 7.98 करोड़ | 26.3 लाख (सर्वाधिक गिरावट) |
| पश्चिम भारत | 6.83 करोड़ | ~ 16.2 लाख |
| पूर्वी भारत | 6.75 करोड़ | ~ 3.4 लाख |
| कुल (भारत) | 32.77 करोड़ | 62 लाख (-1%) |
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एलपीजी कनेक्शन घटने के मुख्य कारण
एलपीजी ग्राहकों की संख्या में आई इस एकाएक कमी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू नीतियां जिम्मेदार हैं:
1. पश्चिम एशिया संकट और सप्लाई चैन पर दबाव
भारत अपनी कुल एलपीजी खपत (लगभग 3.13 करोड़ टन) का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, क्योंकि घरेलू उत्पादन (लगभग 1.28 करोड़ टन) सीमित है। भारत के एलपीजी आयात का 90% हिस्सा खाड़ी देशों (Gulf Region) से आता है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने नए कनेक्शन जारी करने में सख्ती दिखाई है।
2. आधार आधारित e-KYC और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन
फर्जी खातों और अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन चला रही है।
- 19 सितंबर तक लगभग 27.43 करोड़ (89.9%) एक्टिव ग्राहकों का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा हो चुका है।
- 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले एलपीजी रिफिल बुक करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं की बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई या जो निष्क्रिय (Inactive) पाए गए, उनके खाते अस्थायी रूप से ब्लॉक/डीएक्टिवेट किए गए हैं।
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3. पीएम उज्ज्वला योजना (PMUY) के आंकड़ों में सुधार
गिरावट का असर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पर भी पड़ा है। फर्जी या दोहरे (Duplicate) कनेक्शन हटने से उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या लगभग 6 लाख घटकर 10.57 करोड़ रह गई है।
4. पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर तेजी से बढ़ता रुझान
शहरों और कस्बों में एलपीजी सिलेंडर छोड़ने का एक बड़ा कारण घरों तक सीधे पाइप से पहुँचने वाली पीएनजी (PNG) गैस है:
- चालू वित्त वर्ष में जुलाई तक 6 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जोड़े गए, जिससे कुल पीएनजी ग्राहकों की संख्या 1.75 करोड़ पहुंच गई है।
- हालांकि, एलपीजी में आई 62 लाख की गिरावट में पीएनजी पर शिफ्ट होने वाले ग्राहकों का हिस्सा लगभग छठा भाग (1/6th) ही है, लेकिन मेट्रो और बड़े शहरों में यह रुझान तेजी से बढ़ रहा है।
आगे क्या होगी स्थिति?
ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वास्तविक और वैध उपभोक्ताओं के खाते पुनः सक्रिय होने की उम्मीद है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन आपूर्ति की चुनौतियां और शहरी क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क का लगातार विस्तार यह संकेत देता है कि आने वाले समय में पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों की निर्भरता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है।





