नई दिल्ली:
वैश्विक अस्थिरता और युद्ध के बढ़ते खतरों के बीच 'भारत समुद्री बीमा पूल' (Bharat Maritime Insurance Pool - BMIP) भारतीय समुद्री व्यापार के लिए एक मजबूत ढाल बनकर उभरा है। इस पहल ने भारतीय समुद्री पक्षकारों के लिए निर्बाध युद्ध-जोखिम (War-Risk) बीमा सुनिश्चित किया है, जिससे पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद युद्ध-जोखिम बीमा प्रीमियम में लगभग 35 से 40 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस आशय की जानकारी रविवार को जारी एक आधिकारिक सरकारी फैक्टशीट में दी गई।
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3,000 से अधिक नीतियां जारी, सरकारी डेटा का खुलासा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 7 सितंबर 2026 तक इस बीमा पूल के तहत रिकॉर्ड नीतियां जारी की जा चुकी हैं:
- कार्गो वॉर रिस्क पॉलिसी: 3,000 माल युद्ध-जोखिम नीतियां
- वेसल हल वॉर रिस्क: 92 जलपोत ढांचा युद्ध-जोखिम नीतियां
- P&I बीमा पॉलिसी: 3 संरक्षण और क्षतिपूर्ति (Protection and Indemnity) नीतियां
किन जहाजों और कार्गो को मिलता है कवर?
BMIP उन सभी जहाजों, जहाजी मशीनरी और कार्गो को व्यापक समुद्री बीमा प्रदान करता है, जो:
- भारतीय ध्वज (Indian Flag) के तहत पंजीकृत हैं।
- जिनका स्वामित्व, प्रबंधन या नियंत्रण भारतीय संस्थाओं के पास है।
- भारत से शुरू होने वाले या भारत आने वाले मालवाहक पोत (Cargo Vessels) हैं।
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मई 2026 में हुई थी शुरुआत
इस बीमा पूल को मई 2026 में लॉन्च किया गया था, जिसकी कुल कवरेज क्षमता 13,906.50 करोड़ रुपये (लगभग 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर) तय की गई है। यह पूल जहाज के ढांचे (Hull), मशीनरी, माल (Cargo), संरक्षण और क्षतिपूर्ति (P&I) तथा युद्ध-जोखिमों के लिए मजबूत घरेलू बीमा सुरक्षा प्रदान करता है।
BMIP की स्थापना से अब विदेशी बीमाकर्ताओं पर भारत की निर्भरता काफी हद तक कम हो गई है और वैश्विक उथल-पुथल एवं व्यवधानों के समय भी भारतीय व्यापारियों को किफायती, सुलभ और निर्बाध बीमा कवरेज मिलना सुनिश्चित हुआ है।





