भोपाल। राजधानी भोपाल को वर्ष 2047 तक एक आधुनिक, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल महानगर बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार ने 'भोपाल विकास योजना 2047' का मसौदा जारी कर दिया है। लगभग 21 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आए इस मास्टर प्लान में शहर के भविष्य के विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और व्यवस्थित शहरीकरण का पूरा रोडमैप तैयार किया गया है।
सार्वजनिक किए गए इस नए प्रारूप पर नागरिक अगले 30 दिनों तक अपनी दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। अंतिम प्रारूप सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद लागू किया जाएगा।
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मास्टर प्लान 2047 की प्रमुख मुख्य बातें:
- निवेश क्षेत्र का विस्तार: नए मास्टर प्लान में निवेश क्षेत्र को बढ़ाकर 1016.90 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है, जिसमें कुल 254 गांव शामिल हैं।
- पर्यावरण संरक्षण एवं ग्रीन बेल्ट: शहर में ग्रीन बेल्ट का दायरा 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही भोजताल, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- विकास योग्य क्षेत्रफल में वृद्धि: शहर के विकास योग्य प्रस्तावित क्षेत्रफल को 2005 के मास्टर प्लान (25,351 हेक्टेयर) से ढाई गुना बढ़ाकर 61,017.02 हेक्टेयर कर दिया गया है।
- ग्रोथ कॉरिडोर व एफएआर: शहर की गति को बढ़ाने के लिए 51 किलोमीटर लंबा ग्रोथ कॉरिडोर और विकासकर्ताओं के लिए असीमित एफएआर (FAR) का प्रावधान किया गया है।
- हरित टीडीआर (Green TDR): हरित क्षेत्र में आने वाले भूमि स्वामियों को आर्थिक क्षतिपूर्ति देने और डेवलपर्स को अतिरिक्त विकास सुविधा देने के लिए बेहतर टीडीआर प्रावधान किए गए हैं।
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सड़क की चौड़ाई तय करेगी व्यावसायिक गतिविधियां
नए मसौदे में रहवासी क्षेत्रों में शोरूम, होटल और शॉपिंग मॉल जैसी गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण लगाया गया है। अब सड़क की चौड़ाई के आधार पर ही कारोबार की अनुमति मिलेगी:
| सड़क की चौड़ाई | अनुमति प्राप्त गतिविधियां / व्यवसाय |
| 12 मीटर से कम | केवल एक मंजिल तक पेशेवर गतिविधियां (डॉक्टर, वकील, सीए, आर्किटेक्ट, इंजीनियर)। कोई भी कारोबार प्रतिबंधित। |
| 12 से 18 मीटर | सिर्फ दैनिक जरूरतों की दुकानें जैसे बैंक-एटीएम, स्टेशनरी, मेडिकल स्टोर आदि। (शोरूम, होटल व कैफे प्रतिबंधित) |
| 18 से 24 मीटर | नर्सिंग होम, सीमित क्षमता वाले रेस्टोरेंट, होटल, कैफे, कोचिंग संस्थान और शोरूम। |
| 30 मीटर से अधिक | बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल एवं अन्य भारी व्यावसायिक गतिविधियां। |
मुख्यमंत्री का संदेश:
"यह विकास योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के नए अवसर उपलब्ध कराएगी। यह समृद्ध, सुगम, सुरक्षित और विकसित भोपाल की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है।"
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश





