भोपाल।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रही सीलिंग की कार्रवाई को लेकर पैदा हुई चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य सरकार का रुख स्पष्ट किया है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि प्रदेश सरकार व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की परेशानियों को दूर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर पूरी गंभीरता व मजबूती के साथ पक्ष रखा जा रहा है।
सीलिंग कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट में पैरवी
भोपाल में सीलिंग से जुड़ी कठिनाइयों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा:
- न्यायालय में मजबूत पक्ष: भोपाल के व्यापारियों और रहवासियों से जुड़े सभी विषयों को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष पूरी गंभीरता से प्रस्तुत किया जा रहा है।
- स्थायी समाधान की कोशिश: सरकार सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस वर्षों पुरानी समस्या का एक बेहतर और स्थायी समाधान निकालने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
- जनहित सर्वोपरि: वर्तमान परिस्थितियों में स्थानीय लोगों और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही आगे के कदम उठाए जाएंगे।
जानापाव बनेगा प्रमुख तीर्थस्थल
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बधाई दी और पौराणिक स्थल जानापाव को लेकर बड़ी घोषणा की:
- धार्मिक महत्व: जानापाव वह ऐतिहासिक स्थल है जहां महर्षि परशुराम ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था।
- तीर्थस्थल के रूप में विकास: इस पौराणिक महत्व को देखते हुए जानापाव को राज्य के एक प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में 'श्री महाकाल लोक' के निर्माण के बाद राज्य में धार्मिक पर्यटन का एक नया वातावरण बना है। जहां वर्ष 2022 तक उज्जैन में सालाना 60-70 लाख श्रद्धालु आते थे, वहीं अब यह संख्या करोड़ों में पहुंच चुकी है। इसी तर्ज पर प्रदेश के अन्य प्रमुख देवस्थानों का भी विकास किया जा रहा है, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों।





