नई दिल्ली: आगामी 4 मई को होने वाली मतगणना के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। मतगणना केंद्रों (Counting Centers) की पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आयोग ने पहली बार QR कोड-बेस्ड फोटो आइडेंटिटी कार्ड मॉड्यूल शुरू किया है। इस तकनीक के जरिए बिना अनुमति वाले किसी भी व्यक्ति का प्रवेश नामुमकिन होगा। यह पहल आयोग द्वारा पिछले एक साल में की गई 30 से अधिक डिजिटल सुधारों की श्रृंखला का हिस्सा है।

कैसे काम करेगा 'थ्री-लेयर' सुरक्षा घेरा?

मतगणना केंद्र के भीतर प्रवेश के लिए सुरक्षा को तीन स्तरों पर विभाजित किया गया है, ताकि किसी भी मानवीय चूक की गुंजाइश न रहे:

प्रथम स्तर: बाहरी घेरे पर सुरक्षाकर्मी रिटर्निंग ऑफिसर (RO) द्वारा जारी फोटो आईडी कार्ड की मैन्युअल जांच करेंगे।

द्वितीय स्तर: मध्य घेरे में एक बार फिर पहचान पत्र का मिलान किया जाएगा।

तृतीय स्तर (अंतिम): मतगणना हॉल के ठीक बाहर सबसे अंदरूनी घेरे में QR कोड स्कैनिंग होगी। सफल डिजिटल वेरिफिकेशन के बाद ही व्यक्ति को हॉल के भीतर जाने की अनुमति मिलेगी।

किन्हें मिलेगा यह विशेष डिजिटल कार्ड?

यह QR कोड आधारित पहचान पत्र केवल उन्हीं लोगों को जारी किया जाएगा जो चुनाव आयोग द्वारा अधिकृत हैं, जिनमें शामिल हैं:

रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO)

मतगणना स्टाफ और तकनीकी कर्मचारी

चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार

इलेक्शन एजेंट और काउंटिंग एजेंट

मीडिया कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्था

मीडिया प्रतिनिधियों की सुविधा के लिए आयोग ने स्पष्ट किया है कि उनके प्रवेश के लिए मौजूदा 'अथॉरिटी लेटर' की व्यवस्था जारी रहेगी। प्रत्येक मतगणना केंद्र पर एक समर्पित मीडिया सेंटर बनाया जाएगा, जहाँ से वे चुनावी रुझानों की रिपोर्टिंग कर सकेंगे।

भविष्य के लिए 'लिटमस टेस्ट'

वर्तमान में यह सिस्टम असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों सहित अन्य उपचुनावों की गिनती में लागू किया जा रहा है। यदि इन 5 राज्यों के नतीजों के दौरान यह तकनीक सफल रहती है, तो चुनाव आयोग इसे भविष्य के सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में स्थायी रूप से लागू कर देगा।

पारदर्शिता और सुरक्षा का नया मानक

मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि चेकपॉइंट्स पर केवल प्रशिक्षित कर्मियों को ही तैनात किया जाए ताकि एक्सेस कंट्रोल में कोई रुकावट न आए।

"इस नई प्रणाली का उद्देश्य मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना है। यह सुनिश्चित करेगा कि मतगणना हॉल के भीतर केवल वही लोग मौजूद हों जिनकी वहां आवश्यकता है।"

निष्कर्ष: चुनाव आयोग द्वारा बीएलओ (BLO) के लिए शुरू किए गए स्टैंडर्ड QR कोड आईडी कार्ड के बाद यह दूसरा बड़ा तकनीकी हस्तक्षेप है। इस डिजिटल सुरक्षा कवच से मतगणना के दौरान होने वाले हंगामे या अवैध प्रवेश की शिकायतों पर पूरी तरह लगाम लगने की उम्मीद है।