मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश की उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) के विक्रेताओं के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 18 महीने का अतिरिक्त मानदेय देने की स्वीकृति दी है। इसके लिए सहकारिता विभाग ने प्रदेश के 33 जिलों की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों और बहुउद्देश्यीय साख सहकारी समितियों (PACS) के लिए आवश्यक बजट आवंटित कर दिया है।

वर्गवार तय की गई मानदेय की दरें

सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार विक्रेताओं को श्रेणी के आधार पर प्रति माह निम्न दर से मानदेय मिलेगा:

  • अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग: ₹3,000 प्रति माह
  • अनुसूचित जाति (SC) वर्ग: ₹2,982 प्रति माह
  • सामान्य वर्ग: ₹2,741 प्रति माह

यह मानदेय 1 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2025 तक की कुल 18 महीने की अवधि के लिए दिया जा रहा है।

ऑडिट में पकड़ी गई लापरवाही, दोबारा आवंटित हुआ बजट

सहकारिता विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एकीकृत वित्त प्रबंधन प्रणाली (IFMIS) के जरिए जब बजट आवंटन और खर्च की समीक्षा की गई, तब इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ। तय अवधि में बजट का प्रविधान होने के बावजूद कुछ जिलों में राशि का आहरण नहीं किया गया और न ही विक्रेताओं को भुगतान हुआ।

चूंकि यह पैसा सीधे तौर पर राशन विक्रेताओं का हक था, इसलिए विभाग ने संज्ञान लेते हुए दोबारा 33 जिलों को फंड जारी किया है।

समय सीमा में भुगतान के निर्देश

सहकारिता आयुक्त ने संबंधित जिलों के उप एवं सहायक आयुक्तों को सख्त निर्देश दिए हैं:

  1. आवंटित राशि का मौजूदा वित्तीय वर्ष की समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से आहरण कर समितियों को ट्रांसफर किया जाए।
  2. मानदेय वितरण के बाद इसका 'उपयोगिता प्रमाण-पत्र' (Utilization Certificate) महालेखाकार कार्यालय, ग्वालियर को भेजा जाए।

इन 33 जिलों को मिला बजट

आगर मालवा, आलीराजपुर, उमरिया, इंदौर, खंडवा, गुणा, ग्वालियर/ग्वालियर क्षेत्र के तहत आने वाले जिले, छतरपुर, जबलपुर, झाबुआ, टीकमगढ़, दतिया, डिंडौरी, धार, नरसिंहपुर, नीमच, पन्ना, बड़वानी, बुरहानपुर, बैतूल, भिंड, भोपाल, मुरैना, रतलाम, रीवा, रायसेन, राजगढ़, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सीहोर, सीधी, सिंगरौली और विदिशा।